स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए मसाज जरूरी क्यों….?

सौंदर्य की देख-रेख में आपके संतुलित भोजन से लेकर शारीरिक व्यायाम, शरीर को आराम देना अर्थात् ’रिलेक्शन’ तथा भरपूर नींद आदि सभी कुछ आता है। इसके साथ ही महत्वपूर्ण है, विभिन्न अंगो का मसाज। पुरातन काल में बड़े-बड़े राजा-रजवाडा़ें के यहां रानियां अपने शरीर की नियमित मसाज करवाती थीं। खूश्बूदार तेल व विभिन्न जड़ी-बूटियों के सत् से की जाने वाली मालिश ही उनके सुकोमल व स्निग्ध सौंदर्य का मुख्य कारण थीं। सधे हुए हाथों से की जाने वाली यह मालिश त्वचा के भीतर रक्त-संचार बढ़ा कर उस स्थान की मांसपेशियां को नवजीवन प्रदान करती है और इसी से उस अंग की त्वचा एक अनोखी कांति से दमकने लगती है। नियमित किए जाने पर मालिश का प्रभाव और भी बढ़ जाता है। जहां तक रिलेक्शन का सवाल है, रक्त-संचार बढ़ने व मांसपेशियो का ढीला होने से शरीर के उस अंग को आराम भी मिलता है।
’मसाज’ शब्द की उत्पत्ति मूलतः ग्रीक शब्द ’मासा’ अर्थात् मलने से हुई है। हमारे किसी अंग के शिथिल होने पर या फिर किसी स्थान पर दर्द महसूस होने पर उस स्थान को विभिन्न दिशाओं मे मलना और उस अंग को आराम पहुचाना ही मालिश या मसाज कहलाता है। मसाज हमारी त्वचा की एक प्रकार से टोनिंग करती है। रक्तसंचार बढ़ाने के साथ-साथ यह त्वचा के भीतर उपस्थित विभिन्न बेकार के पदार्थों को ’लिम्फ सिस्टम’ की मदद से शरीर के बाहर भी निकालती है। शुष्क त्वचा पर की जाने वाली मालिश त्वचा के भीतर उपस्थ्ति ’सिबेशियम ग्रंथियों’ (तेल उत्पादक) की सक्रीयता बढ़ाकर त्वचा को चिकना और कोमल बनाती है।
यह सच है कि मालिश आपकी मांसपेशियों की कार्य क्षमता को ही नही बढ़ाती बल्कि त्वचा के साथ साथ इनकी भी टोनिंग करती है। उदाहरण के तौर पर यदि आप तनाव से ग्रस्त है तो आपने अक्सर देखा होगा कि आपकी मांसपेशियों का कसाव बढ़ जाता है जो कि एक प्रकार के दर्द को जन्म देता है। खास तौर पर कंधे व गर्दन के आसपास की नसें व मासपेशियां तनी हुई सी महसूस होती है और दर्द भी पहले से कम हो जाती है। अब आप खुद सोचिए कि अगर पूरे शरीर की कुशल हाथो द्वारा मालिश की जाए तो उसके बाद मिलने वाले मानसिक और शारीरिक सुख का एहसास कैसा होगा। यूं तो यह सर्विस कोई और करे तो उससे बेहतर कुछ नहीं, पर आजकल की व्यस्त जीवनचर्या में दूसरों से अपेक्षा रखने के स्थान पर अगर आप खुद अपने शरीर के विभिन्न अंगो की मालिश करना सीख लें, तो बेहतर होगा।
अपने शरीर की मालिश करना एक कठिन काम है। फिर भी जहां तक हो सके आप नहाते समय अपने बाथरूम मे ही इसकी आदत डाल लें। बाजार में इसके लिए विशेष दस्ताने मिलते है, जिनमें रबर के दस्तानों पर छाटे-छोटे नोड्यूल्स के कारण यह उस स्थान की त्वचा के रोमकूपों के अवशोषण अर्थात् सोखने की क्षमता को बढ़ा देते है, जिसके कारण नहाने के बाद इन अंगों पर मली हुई क्रीम आदि त्वचा के भीतर भलीभांति जज्ब हो जाती है और त्वचा चिकनी होकर चमकने लगती है। मगर इन दस्तानों का प्रयोग स्तनों पर व पेट की त्वचा के लिए उपयुक्त नही होता। यहां की त्वचा कोमल होने के कारण इन नोड्यूल्स की वजह से बहुत लाल हो जाएगी जिससे नुकसान भी पहुच सकता है। इन दस्तानों से मालिश करते समय हमेशा ध्यान रखिए कि आपकी मालिश की दिशा शरीर के ऊपर की तरफ हो, ताकि उसमे ढीलापन न आ सके।
दस्तानों की जगह पर आप अपनी उंगलियों की मदद से मालिश का काम बखूबी कर सकती है। नहाने के बाद पहले आराम से बैठ जाइए। अब पीठ के बल जमीन पर लेट कर पैरो को पूरी लंबाई से तान लिजिए। अब दोनो पैरो को सीधे सिर के ऊपर की तरफ तान कर खिचिए। थोड़ी देर बाद उन्हें फिर सामान्य स्थिति में नीचे ले आइये। फिर पहले वाली क्रिया को दोहराइये इस प्रकार इन दोनों क्रियाओं को क्रम से कई बार कीजिए। अब शरीर को थोड़ा सा रिलैक्स कीजिए और थोड़ा ढीला छोड़ दीजिए। यह क्रिया कुछ कुछ चुटकी काटने जैसी होगी। इस क्रिया को जांघो व कूल्हो पर सब तरफ दो-दो बार कीजिए। अब इस क्रिया को आप ऊपर की तरफ कमर और बाहों के ऊपरी सिरे पर भी इस्तेमाल करें। इस क्रिया को अगर आप रोज नहाने के बाद न कर सकें तो कम-से-कम हफ्ते में तीन बार जरूर कीजिए। इससे भी रक्त संचार बढ़ता है और मालिश जैसी ही प्रभाव पड़ता है।
अब पूरी तरह नहाने के बाद बदन को तौलिए से पोंछने के दौरान भी तौलिए के दोनो छोरो को हाथ से पकड़ कर शरीर के पीछे ले जाकर दाए व बाए घुमाते हुए अपनी पीठ, कूल्हों, कमर व बाहों के पिछले भाग को रगड़कर पोछिए। यह भी एक तरह से उन अंगों के रक्तसंचार को बढ़ाने की ही प्रक्रीया है। अब पूरे शरीर पर कोई अच्छी क्रीम या फिर हेण्ड एण्ड बाॅडी लोशन लेकर एक हल्की परत लगा लीजिए। यह क्रीम त्वचा के भीतर समा कर उसे जल्दी ही कोमल बनाती है।
बाजार में उपलब्ध विभिन्न मसाज मशीन या वाइब्रेटर द्वारा भी आप अपने विभिन्न अंगो की मालिश कर सकती है। पर हमेशा ध्यान रखिए कि मसाज से पहले उस अंग की त्वचा पर कोई क्रीम या तेल आवश्य लगाएं। धीरे-धीरे गोलाकार दिशा में घुमाते हुए ही मशीन का प्रयोग करे
चेहरे पर मेकअप की पर्तों को हटाने के दौरान क्लींजर लगार रूई के मेकअप हटाने की प्रक्रिया मे भी आप अपने चेहरे की हल्की मसाज ही करती है, फिर भी भिन्न प्रकार की त्वचा वाले चेहरे व गर्दन के लिए मसाज के अलग-अलग स्ट्रोक्स है, जिसको जानना भी जरूरी है।
शुष्क त्वचा की मसाजः चेहरे पर कोई भी नाइट क्रीम लगाइए। अब दोनो हाथों का प्रयोग करते हुए अपनी बीच वाली उंगली और पहली उंगली लेकर गर्दन व चेहरे को छुइए। इसी प्रकार गर्दन से ऊपर की तरफ ले जाते हुए लम्बे, पर धीमे स्ट्रोक्स मे चेहरे की मालिश कीजिए। उंगलियो के अगले सिरे से आपको धीरे धीरे चेहरे के रोयो को ब्रश करने की प्रक्रिया मे नीचे से ऊपर ले जाना है। इस क्रिया को सोने से पहले रोज रात में कीजिए।
तैलीय त्वचा की मसाजः इसको आॅइली स्किन जैक्वेट मसाज भी कहते हैं। जो कि इसके फ्रेंच अविष्कार के नाम पर ही पुकारी जाती है और खास तौर पर इसके तैलीय त्वचा के लिए उपयुक्त है। इसके लिए पहले चेहरे के मांसल भागों जैसे गाल व ठोड़ी पर धीरे-धीरे पिंच कीजिए। इस पिंच करने की प्रक्रिया में उस स्थान की त्वचा की तैल ग्रंथियां सक्रिय होकर और तेल उत्पन्न करने लगती हैं जो कि त्वचा की त्वचा की सतह पर उभर कर दिखने लगता है। इसी प्रकार चेहरे के मांसल भागो हल्के हाथो से ये क्रिया दोहरायें अब पूरे चेहरे को भीगी रूई के फोहे से थपथपाते हुए पोछिए। अब चेहरे को साफ तौलिए से थपथपाते हुए सुखा लीजिए। पतली त्वचा की मसाज बहुत संवेदनशील होने के कारण बाहरी प्रभावों से जैसे तेज धूप तापमान आदि या तली भुनी चीजों एल्कोहल या उचित देख रेख के अभाव में नाक व गाल के पास वाले भागो पर फटी फटी सी दिखाई पड़ती है।
इस त्वचा की मसाज बहुत ही हल्के हाथो से थपथपाते हुए ही करनी चाहिए। उंगलियों के अगले सिरों से पूरे चेहरे को थपथपाते हुए ही इस त्वचा की मालिश करें। मालिश की प्रक्रिया में उंगलियों का क्रम लगातार बदलती जाए जैसे आप तबला या किसी वाद्य को बजाने में करती है। इन्ही स्ट्राक्स को चेहरे के नीचे भी लगाएं।
गर्दन की मसाजः रोज रात को चेहरे की मसाज के साथ गर्दन की मसाज भी न भूलें। गर्दन पर कोई भी क्रीम लगाकर सभी उंगलियों को एक साथ जोड़कर व हथेली का भी प्रयोग करते हुए दोनों हाथों को गर्दन से लेकर ठोड़ी तक क्रम से एक के बाद एक लाइए। इस मसाज को थोड़ा दबाव के साथ और जल्दी-जल्दी करें। थोड़ी-थोड़ी देर बाद हाथो का क्रम बदल दें। यह क्रिया तब तक दोहराए जब तक सारी क्रीम त्वचा में समा न जाए।
चेहरे की मसाज यूं तो फेशियल मसाजर से भी की जा सकती है। पर चेेहरे इसे चलाते वक्त दिशा का ध्यान होना जरूरी है। नही तो चेहरे की त्वचा ढीली होकर लटक जाएगी और उस पर लाइनें व झुर्रियां दिखाई देने लगेंगी।

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