आंखों के नीचे के डार्क सर्कल्स ऐसे करें विदा

आंखों के नीचे के काले घेरे बढ़ती उम्र के बताते हैं। काले घेरे से परेशान हैं, तो ठंडे टी(चाय) बैग या मलाई आजमाएं, ये डार्क सर्कल्स को कम करने में मददगार हैं।

टी बैगः रेफ्रिजरेटर में आधे घंटे तक रखे गए दो ब्लैक या ग्रीन ठंडे चाय के बैग का इस्तेमाल करें। उन्हें दोनों आंखों पर रखें और 10-15 मिनट तक वहीं रहने दें। इसके बाद उन्हें हटाएं और अपना मुहं धो लें इस प्रक्रिया को कुछ सप्ताह तक दो बार करें।

ठंडक : ठंडे पानी या दूध में भीगा हुआ साफ कपड़ा लें और कुछ मिनटों के लिए इन्हें अपनी पलकों के पास रखें। मुलायम कपड़ों में बर्फ का टुकड़ा लपेटें और कुछ मिनटों तक इसे अपनी आंख के पास रखें।

मलाई : दो चम्मच मलाई और एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाएं। इसे काले घेरों पर लगाएं। इसे 15 से 20 मिनट तक रहने दीजिए, बाद में इसे गुनगुने पानी से धो लें।

पुदीना : पुदीने की पत्तियों को हाथों से पीस लें। पुदीने की पत्तियों में नींबू का रस मिलाएं। इसे 15 से 20 मिनट तक लगाएं। इसके बाद धो लें। इसे रोजाना दो बार करें।

पत्नी कमाए पति खाएं कहां तक उचित है

हमारे यहां कहा जाता है कि पति पत्नी जीवन की गाड़ी के दो पहिए है और एक दूसरे के समन्वय के बिना जीवन की गाड़ी खींचना मुश्किल है। परंतु कई बार जीवन में ऐसे मोड़ भी आते है जब एक पहिया लड़खड़ाने लगते है और इस लड़खड़ाहट के कई कारण होते है और उनमें एक है जब पत्नी कमाऊ हो जाती है और पति गैर जिम्मेदार। किसी पति से यदि आप पूछे तो क्या वह हामी भरेगा कि वह गैर जिम्मेदार हो गया है? कभी नही, परंतु यदि हम अपने आस पास देखे तो हमें ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे जहां पत्नी की कमाई से घर चलने लगता है तो पति को व्यापर करने की सुझती है या फिर आराम करने की। हमारे घरों में काम करने वाली बाईयों का हाल किसी से छुपा नहीं है। उनके पति उनकी कमाई पर ही नशा करते है यह स्थिति हमें निम्न वर्ग में हर जगह नजर आएगी। एक ओर शिक्षा और बदलते वातावरण ने महिलाओं को जागृति दी है वहीं दूसरी ओर इस शिक्षा और कुछ न कुछ काम करने की तमन्ना ने उनको दो पाटों के बीच पीसने पर मजबूर कर दिया है। आज कल बड़े शहरों में ज्यादातर महिलाएं कमाने लगी है। काम कसकर चाहे कोई भी हो, हर महिला चाहती है उसके घर में अतिरिक्त आय हो।
श्रीमति विमला अग्रवाल एक उच्च वर्गीय परिवार की सदस्य है उनके घर में ऐशोआराम की सभी चीजे है। पैसों की बहुलता और नौकरों की बहुत आयत ने विमला को प्रेरणा दी कि वे भी कुछ काम करें। वह बेकार बैठना नहीं चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने घर के गैरेज में एक दो औरतों को रखकर वंदनवार और शादी विवाह के अवसर पर काम आने वाली ट्रे बनाना शुरू किया। उनका काम चल निकला और अब उसके पति सुनील भी पारिवारिक व्यापार में हाथ बटाने लगे और फिर धीरे धीरे घर पर ही रहने लगे और फिर घर में रोज शाम को ताश की चोकड़ी जमने लगी। उनके दोस्त रोजाना शाम को घर आ जाते और ताश खेली जाती। विमला परेशान रहने लगी। सुनील का कहना था कि जब विमला कमाती है तो उसे कमाने की क्या जरूरत है। कल तक मैं कमाता था आज अगर विमला कमाती है तो इसमें बुराई क्या और पुरूष का गैर जिम्मेदार होने का आरोप क्यों हो मुझ पर। लेकिन विमला को इस बात पर नाराजगी थी कि पत्नियां अगर घर में रहती है तो वो बच्चों को संभालती है और घर की बाकी जिम्मेदारियों को पूरा करती है। वे पति की तरह ताश नहीं खेल सकती। जबकि पति न बच्चों को संभाल सकते है और न ही मेहमानों की आवाभगत कर सकते है तो ये गैर जिम्मेराना ही तो हुआ। कई बार पुरूष के काम बंद करने के कारण कुछ और होते हैं। चूंकि पत्नी काम करते-करते थक जाती है, इसलिए वह पति के काम न करने से परेशान हो जाती है। परंतु कई पुरूष इस पर सवाल उठाते हैं कि यदि पुरूष काम करता है और पत्नी घर में रहती है तो कोई नहीं कहता कि पत्नी गैर जिम्मेदार हो गई है। आजकल सच्चाई है कि ज्यादातर मध्यम और उच्चवर्गीय घरों में घर के काम के लिए अतिरिक्त मदद ली जाती है। परंतु पुरूष को अपना काम स्वतः ही करना पड़ता है। जो बात हमें गैर जिम्मेदार लगती है, वह दूसरे की मजबूरी भी हो सकती है। यह तो परिस्थितियां ही बता सकती हैं कि असलियत क्या है। यह सच है कि पत्नी के काम करने से पति का व्यवहार थोड़ा लापरवाह हो जाता है क्योंकि वह अंदर से आश्वस्त होता है कि पत्नी का घर में सहयोग मिलेगा और उसे अकेले ही सारे खर्च नही चलाने पडेंगे। परंतु इसे गैर जिम्मेदाराना कहना गलत होगा। इस तरह की गैर जिम्मेदारी ज्याददातर निम्न आयवर्गीय लोगों में मिलती है। मध्यम और उच्चआय के दर्जे के लोगों की यह कोशिश रहती है कि यदि पत्नी काम करती है तो घर में कुछ बचत भी हो जाए। पति गैरजिम्मेदार तभी होता है जब उसे महसूस हो कि पत्नी से घर खर्च भली भांति चल रहा है। तब वो भूल जाता है कि उसका भी घर के प्रति कोई कर्तव्य है। पुरानी परिपाटी की पीढ़ी का मानना है कि महिलाओं का बाहर जाकर ही काम करना ही गलत है। क्यूंकि घर में क्या कम काम है जो बाहर जाने की जरूरत पड़े। स्वतंत्रता कि यह पराकाष्ठा है। और इसी का परिणाम है कि पति अपने मार्ग से भटकते है और ये भटकन लापरवाही को जन्म देती है और पति गैर जिम्मेदार होते है। पुरूष जब नारी को अपने से आगे बढ़ता देखता है तो उसके मन में हीन भावना जागृत होती है और यही भावना उसे गैर जिम्मेवार बनाती है।

जब पति हो उम्र में छोटा

ना उम्र की सीमा हो, ना जन्मों का हो बंधन
जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन,
कुछ रिश्तें हमे जन्म के साथ ही प्राप्त होते है जिनमें हम चाहकर भी परिवर्तन नहीं कर सकते। जैसे माता-पिता, भाई बहन इत्यादी। किंतु जो रिश्ते जीवन के दौरान बनते है उनमें हमें चुनाव की स्वतंत्रता होती है जैसे पति पत्नी, बहु, दामाद, मित्र, सखा, संबंधी इसी तरह शादी ब्याह ऐसा ही एक संबंध है जिसमें हम चुनाव कर सकते है। आयु, परिवार, जाति, राज्य सभी मामलों में नियम न होने के बाद भी हम समाज द्वारा बनाये गए नियमों पर ही चलते आ रहे है। जिसमें तय है विवाह अपनी जाति में हो, बराबर के परिवार में हो, पति उम्र में बड़ा हो और दोनों की समाजिक और आर्थिक स्थिति में ज्यादा अंतर न हो। बदलते परिवेश में समय के साथ साथ इन मान्यताओं पर ध्यान तो दिया जाता है परंतु पालन नहीं। अब लड़के लड़कियां अपनी पसंद और इच्छानुसार शादी विवाह करने लगे तो जाति, धर्म, आयु, गोत्र, परिवार के बंधन भी ढीले पड़ने लगे है। दरअसल जब दिल का मामला हो तो फिर अन्य सारी बातें गौण हो जाती है। ऐसे कई मामलों में लड़कियां उम्र में अपने से छोटे लड़के से शादी कर लेती है। कुछ जोड़े तो उम्र भर सफलता पूर्वक साथ निभाते है। परंतु कुछ मामलों में ये सफर दो चार कदम चल कर अलग राह पकड़ लेता है।
हमारे समाज में विवाह मात्र दो प्राणियों का मिलन न होकर दो परिवारों का समन्वय होता है। जहां परिवार की मर्यादा बचाए रखने के लिए कई बार लोग न चाहते हुए भी मजबूरन एक दूसरे से निभा लेते है। ऐसी स्थिति में पति पत्नी के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों से भी परिपक्वता की उम्मीद की जाती है। आमतौर पर स्त्री, पुरूष की अपेक्षा अधिक सहनशील और परिपक्व मानी जाती है। इसी कारण आमतौर पर वर वधु से अधिक उम्र का ही ढूंढा जाता है यही परंपरा बन गयी है कि विवाहिक जीवन के सुख पूर्ण होने के लिए पति को पत्नी से उम्र में बड़ा होना चाहिए। एक समय था जब बालविवाह कर दिए जाते थे, कुलीन परिवार में कन्या का विवाह करने की चाह में बेमेल विवाह भी कर दिए जाते थे। कई बार तो मात्र तेरह व चौदह वर्ष की कन्या का विवाह उसके पिता की आयु के बराबर व्यक्ति से कर दिया जाता था। पत्नी जब यौवन की दहलिज पर पहुंचती पति के पैर कब्र में पहुंचने लगते। समय के साथ परिवर्तन आए और स्त्रियों को स्वतंत्रता जागी। वैचारिक स्वतंत्रता प्रमुख थी उसमें। अब वे शादी विवाह के मामले में मुखर हो गई थी। यदि कोई युवती अपने से छोटे उम्र के युवक को पति बनाना चाहे तो कोई समाज का बंधन या कानून का बंधन उसे नहीं रोक सकता। वैवाहिक मतभेद तो समान आयु वाले जोड़ों में या पत्नी के छोटी उम्र के हाने पर भी होते हैं, फिर उम्र का फासला इतना महत्वपूर्ण क्यों हो? समय के साथ-साथ शिक्षा का प्रचार होने से स्त्रियां जागरूक हुई हैं। अधिकांश छोटी उम्र में घर बसा कर पति और बच्चों में व्यस्त होने के बजाय कैरियर बनाने को प्राथमिकता देने लगी हैं। घर परिवार में उनका निर्णय भी महत्व रखने लगा है। जिसके चलते वैवाहिक संबंधो में उम्र की दूरियां भी घटने लगी हैं। कुछ साल का ही अंतर रह गया है पति पत्नी के बीच, कभी कभी एकाध साल या कभी तो लगभग समान आयु वालों में भी संबंध होने लगे हैं। अब विवाह संबंध के लिए पति का उम्र में बड़ा होना अति आवश्यक नहीं माना जाता बल्कि बहुस सी जोड़ियों में पति कम उम्र के भी होते है और पत्नी उम्र में उनसे बड़ी।
समाज शास्त्रियों के अनुसार लड़कियां जल्दी परिपक्व और समझदार हो जाती है। जबकि लड़कों को विकसित होने में कुछ देर लगता है। यह भी एक कारण है कि विवाहित युगल में लडके की उम्र अधिक होना समाज की दृष्टि में ठीक माना जाता है। यही कारण है कि कानूनन भी लडकियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु अठारह वर्ष है और लड़कों के लिए इक्कीस वर्ष। मगर आज की सोच के अनुसार उम्र बड़ी या छोटी होना समझदारी का पैमाना नहीं है। कहा भी गया है कि अक्ल का होता नहीं है वास्ता कुछ उम्र से, अगर नहीं आती तो सौ बरस तक भी नहीं आती। अब तो शादी ब्याह दिल का मामला हो गया है। जिस पर दिल आ जाए उसी से शादी की जाएं।
लड़कियों का अपने से कम उम्र के लड़के से शादी का प्रचलन नया नहीं है, इससे पहले भी यह होता आया है और ऐसी शादियां सफल भी हुई है। कुछ प्रसिद्ध हस्तियां जैसे सुनील दत्त, सचिन तेंदुलकर। व्यवाहिक जीवन के लिए जो बात मायने रखती है वह है अंडरस्टैडिंग जो इन जोड़ों में और इन जैसे और बाकि सफल जाड़ो में रही। विरोधाभास कहां नहीं है? हर सिक्के के दो पहलू होते है। कई बार पति के उम्र में छोटे होने पर समस्याएं खड़ी हो जाती है जैसे – जिम्मेदारियों के बोझ से पत्नी की उम्र कुछ वक्त बाद परिपक्वता के चलते बड़ी दिखने लगती है और दूसरी तरफ पति देव की उम्र बढ़ने के साथ उसमें रंगीन मिजाजी चरम सीमा पे पहुंच जाती है। उसकी दिलचस्पी कम उम्र की लड़कियों की तरफ बढ़ने लगती है। अपनी पत्नी प्रौढ़ा लगने लगती है। ऐसे में प्यार सामिप्य कम होने लगता है और रिश्तों में विरोधाभास बढ़ता चला जाता है।
कोई भी परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चले तो वह वैचारिक सत्वता बन जाती है। जिसे तोड़ना समाज में उथल पुथल को जन्म देता है। विवाह में भी इसी लिए पुरूष को बड़ा होना माननीय है क्योंकि लीक से हटकर किए गए फैसले दंपति में फासले ही लाएंगे।
हमारे पूर्वजों ने जो नियम बनाएं उन में वैज्ञानिक सोच भी शामिल थी। नियम तो यही है कि लड़के और लड़की की उम्र में दो पांच साल का फासला होना ही आदर्श अंतर है। क्यूंकि लड़कियां अपने अचेतन पति में पिता का सामर्थ्य खोजती है जो उन्हें छोटी उम्र की पति में नहीं मिलता और लड़के पत्नी में मां की छवि अपेक्षा करते है। यानि सहचर्या के साथ ममता भी चाहते है।
आज पति का उम्र में पत्नी से छोटा होना कोई समस्या नहीं लगता कुछ समय से यह चलन बढ़ा है, दोनो तरफ से वफादारी और प्रेम से इस रिश्ते को सिंचा जाएं तो छोटे उम्र का पति भी सफल पति साबित होगा, बड़ी उम्र की पत्नी भी पति की प्रिय बनी रहेगी। उम्र का अंतर पृष्ठभूमि की भिन्नता तथा यहां तक की कुछ मामलों में वैचारिक मतभेद भी उनके सुखद वैवाहिक जीवन में अर्चन नहीं बन पांए।

सरसों तेल के ब्यूटी सीक्रेट्स

मस्टर्ड ऑयल जिसे साधारणत सरसों के तेल से जाना जाता है और जिसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल घर के किचन में होता है। सरसों का तेल ना सिर्फ हमारे खाने को स्वादिष्ट बनाता है बल्कि हमारे हेल्थ, हेयर और स्किन के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसलिए अगर आप महंगे कॉस्मेटिक्स पर पैसे और समय बर्बाद किये बिना प्राकृतिक सुंदरता और स्वास्थ्य की कामना करती हैं तो सरसों का तेल आपके लिए बेस्ट च्वाइस है।

बालों के लिए – बालों पर सरसों के तेल का नियमित इस्तेमाल इन्हें समय से पहले सफेद होने से रोकता है। ये आपके बाल को पकने से बचाता है और साथ ही इसे जड़ से मजबूत भी बनाता है। बालों को नेचुरली ग्रोथ देता है। विटामिन, मिनरल, आयरन और कैल्शियम जैसे तत्व भरपूर मात्रा में बालों को मिलते हैं। इसमें बीटा केरेटिन भारी मात्रा में पाया जाता है जो बालों के लिए बहुत जरुरी होता है। इसके नियमित मसाज से बाल लंबे और घने होते हैं। बराबर मात्रा में ऑलिव ऑयल, कोकोनट ऑयल और मस्टर्ड ऑयल मिला कर बालों पर लगाने से बालों के गिरने की समस्या से भी छुटकारा मिलता है। ये प्रक्रिया सप्ताह में दो बार अवश्य करें। बालों की जड़ों में होने वाले फंगल प्रॉब्लम से भी ये निजात दिलाता है।

स्किन के लिए – सूरज की हानिकारक किरणों से होने वाले टैनिंग से भी छुटकारा दिलाता है और स्किन को चमकदार बनाता है। कोकोनट ऑयल और मस्टर्ड ऑयल को बराबर मात्रा में मिलाकर इसे चेहरे पर दस से बारह मिनट तक मसाज करें। ये आपके स्किन कॉम्प्लेक्शन को फेयर बनाता है। इसमें उपस्थित विटामिन ‘ई’ एक नेचुरल सनस्क्रीन की तरह बॉडी पर काम करता है। इसके नियमित इस्तेमाल से स्किन कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है साथ ही स्किन में होने वाले झुर्रियों से भी छुटकारा मिलता है। डार्क स्पॉट्स को हटाता है। एक बड़ा चम्मच बेसन में चंदन पाउडर, शहद औऱ मस्टर्ड ऑयल मिक्स करें। इस पेस्ट को अपने फेस पर पैक की तरह इस्तेमाल करें और धीरे धीरे चेहरे पर मसाज करें। थोड़ी देर के बाद इसे साफ पानी से धो दें। स्किन रैशेज को भी हटाता है इसके अलावा ये लिप मॉइश्चराइजिंग के लिए भी अच्छा काम करता है। सोने के पहले लिप पर और बेली बटन पर मस्टर्ड ऑइल लगायें।

स्वास्थ्य के लिए – स्किन कैंसर के रिस्क को कम करता है। कोल्ड और कफ में भी ये काफी फायदेमंद होता है। मस्टर्ड ऑइल में अजवाइन मिलाकर बॉइल करें और चेस्ट पर सोने से पहले लगायें। ये आपको कोल्ड में काफी मददगार साबित होगा। अस्थमा के मरीजों के लिए भी ये काफी फायदेमंद होता है। बॉडी दर्द में भी ये काफी कारगर होता है। रात के समय इसे गर्म करके अपनी बॉडी पर लगायें इससे दर्द में राहत मिलती है।

मन में नेगेटिव विचार आते हैं तो जिंदगी में जरूर लाएं ये 5 बदलाव

कई बार मन में नकारात्मक विचार कुछ इस तरह घर कर जाते हैं कि हमारी सोच ही नकारात्मक होती जाती है और जीवन में सिर्फ निराशा ही दिखती है। नकारात्मक विचार मन में जितने अधिक होंगे अवसाद उतनी ही तेजी से हमें घेरेगा। ऐसे में इन्हें खुद से दूर रखने का हर संभव प्रयास हमारे लिए जरूरी है। अगर आप भी अक्सर ऐसे ही नकारात्मक भावों से घिर जाते हैं तो अपने भीतर छोटे-छोटे बदलाव करें और सकारात्मक दिशा में बढ़ें।

मनोविज्ञान को समझें – मनोविज्ञान में नकारात्मक भावों से दूर रखने के लिए कॉग्नीटिव बिहेवियरल थेरेपी, साइकोथेरेपी आदि विधाओं में कई उपाय हैं। आप इनसे संबंधित किताबें पढ़ सकते हैं जिससे बहुत हद तक आपकी सोच में बदलाव आएगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

दौर बीत जाता है – हर समस्या का अपना एक दौर होता है जो जीवन में कभी न कभी आता है और बीत भी जाता है। ऐसे में किसी समस्या को अपने जीवन से इतना बड़ा न बनाएं कि वह दौर आपको अपने आप से बड़ा लगने लगे। बड़ी से बड़ी समस्या को आप सिर्फ एक दौर मानकर चलें तो मन में निराशा कभी बैठ ही नहीं सकती।

अपनी काबिलियत को न भूलें – हो सकता है समय सही न हो, हो सकता है आपकी किसी गलती का खामियाजा आपको दिन-रात परेशान करता हो, लेकिन इन सबके बीच आपके व्यक्तित्व के गुणों कभी दरकिनार न करें। बुरे से बुरे समय में भी अपने गुणों को याद रखें। कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं होता लेकिन हर किसी में अच्छाई-बुराई तो होती ही है। इसलिए अपनी कमियों को पहचानें पर अपने गुणों की अनदेखी न करें।

खुद निर्णय लेना सीखें – अवसाद की स्थिति में मजबूत से मजबूत व्यक्ति भी निर्णय नहीं ले पाता। ऐसे में छोटे-छोटे निर्णयों को लें और उन पर अमल करें। ये न सोचें कि आपके निर्णय का परिणाम क्या होगा, सिर्फ यह ध्यान में रखें कि एक बार अगर अपने किसी निर्णय पर अमल किया तो वह अनुभव ही होगा।

लड़की को इंप्रेस करने से चूके तो रह जाएंगे खाली हाथ

लड़कियों को खु्श करना बहुत मुश्किल होता है। यदि आप थोड़ी सी भी चूक कर दें तो आपको लेने के देने पड़ सकते हैं। लड़कियों को खुश करने और उनका दिल जीतने के लिए आपको बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। इतना ही नहीं इसके लिए सबसे पहले माहौल को परखना भी बेहद जरूरी है। यदि आप भी लड़कियों को खुश करने के उपाय खोज रहे हैं तो परेशान ना हो। हम आपको बता रहे हैं लड़कियों का दिल जीतने और उन्हें खुश करने के टिप्स के बारे में।

माहौल को परखें – लड़कियों को खुश करने और उनका दिल जीतने के लिए सबसे पहले आपको चाहिए कि आप उनसे जाकर तुरंत अपने प्यार का इजहार ना करें। बल्कि पहले उनके आसपास के माहौल को अच्छी तरह से जाने-समझें। नहीं तो आपको लेने के देने पड़ सकते हैं।

पहले दोस्ती करें – लड़की को प्रपोज करने से पहले आपको चाहिए कि पहले आप उनसे दोस्ती की मांग करें। उनसे दोस्ताना संबंध बनाकर आप उन्हें आराम से अपने दिल की बात बता सकते हैं।

बातचीत करें लड़की को प्रपोज करने से पहले आप उनसे बातचीत करें। उन्हें यह अहसास ना करवाएं कि आप उन्हें प्रपोज करने की योजना बना रहे हैं। आमतौर पर लड़कियां बात करने की शौकीन होती हैं। ऐसे में आपमें बात करने का हुनर होना चाहिए।

बॉडी लैग्वेंज को समझें – किसी भी लड़की से बात करने या उन्हें खुश करने के लिए आपको चाहिए कि आप ये जानें कि लड़कियां आपसे बात करने में रूचि ले भी रही हें या नहीं। क्या उनको आपकी बातों में मजा आ रहा है या नहीं।

इंप्रेस करना है जरूरी – लड़कियों को अपनी ओर आकर्षित करने और उन्हें खुश करने का सबसे बढ़िया फॉर्मूला है कि आप उन्हें इंप्रेस करें। यदि आपको अहसास होता है कि लड़की आपकी इंप्रेस है तो आपको मुस्कुराकर प्यार से बात करनी चाहिए।

पॉजिटिव एटीट्यूट रखें – आपको चाहिए कि लड़कियों से पॉजिटिव बात करें और अपने एटीट्यूट को पॉजिटिव रखें, ताकि लड़कियों आपसे बात करने के लिए प्रेरित हो।

हंसी-मजाक भी करें – आपको चाहिए कि आप सीरियस बातों और हल्की-फुल्की बातों के बीच तालमेल बनाकर रखें। आप सिर्फ गंभीर या फिर सिर्फ हंसी मजाक ही ना करते रहें। इससे आपसे लड़कियां बात करने की इच्छुक होंगी। आपको चाहिए कि आपके आसपास के लोग उदास हें तो आप उनको हंसा सकें।

संकोची ना बनें – आपको चाहिए कि आप लड़कियों के आगे बिल्कुल भी नर्वस ना हो। ना ही आप बात करने से डरे और संकोची स्वभाव तो बिल्कुल नहीं होना चाहिए, वरना लड़कियां आपसे दूर भागने लगेंगी।

क्या मैं आपके लिए हूं??

आजकल प्यार होने में ज्यादा देर नहीं लगती। तो जाहिर है आई लव यू कहने में भी ज्यादा देर नहीं लगाते होंगे। कई बार आप किसी से प्यार तो करते हैं लेकिन इस बात से अनजान होते हैं कि वाकई आप उससे प्यार करते हैं या फिर नहीं। आपको समझ नहीं आता कि आपके साथ जो हो रहा है कि वो क्या है। लेकिन आपको किसी के प्यार में पड़ने से पहले कुछ बातों का खासतौर पर ख्याल रखना चाहिए। किसी के साथ रिलेशनशिप में आने से पहले ये पांच सवाल खुद से पूछें….

क्या वो आपके लायक है? – आपको रिलेशन बनाने से पहले उस व्यक्ति को जानना चाहिए कि आप जिसे प्रपोज करने वाले हैं क्या वाकई वो आपके लायक है। क्या वह आपको वो सम्मान और प्यार दे पाएगा जिसकी उम्मीद आप करते हैं। आपके प्यार में पड़ने से पहले अपने पार्टनर की खूबियों, अपनी और उसकी समानताओं और अंतर का भी ध्यान रखना चाहिए। इससे आपको रिश्ते को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

क्या आप वाकई उसे चाहते हैं? – सबसे पहले आपको अपने प्यार को प्रपोज करने से पहले इस बात को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि आप वाकई उसको चाहने लगे हैं। किसी से रिलेशन में बंधने से पहले जाने लें कि वाकई आपको उसकी जरूरत है। आमतौर पर रिश्ते जरूरत पर ही बनते हैं। आपको अपने आपसे पूछना चाहिए कि आप नया रिश्ता क्यों बनाना चाहते हैं।
क्या मैं ये जिम्मेदारियां निभा सकूंगा? – आपके प्यार में पड़ने का कारण कोई भी हो सकता है। लेकिन आपको चाहिए कि आप पहले खुद क्लियर हो। साथ ही आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए यदि आप अपने प्यार के रिश्ते को आगे तक ले जाएंगे तो कहां तक। आपको प्यार में पड़ने से पहले अपने बारे में पता होना चाहिए कि क्या आप इस रिश्ते के काबिल हैं। आपको जानना चाहिए कि क्या आप वो जिम्मदारियां निभा पाएंगे जो प्यार में पड़ने के बाद निभाई जाती हैं।

क्या वो भी मुझे इतनी ही अहमियत देता है? – आपको यह भी तय कर लेना चाहिए कि आप अपने साथी के बारे में जैसा महसूस कर रहे हैं क्या वह भी आपको उतनी ही अहमियत देता है। किसी के प्यार में पड़ने से पहले या किसी को प्रपोज करने से पहले आपको अपनी क्षमताओं का भी ध्यान रखना है। ऐसे में नया रिलेशन बनाते हुए आपको पहले भावनात्मक रूप से जुड़ना बहुत जरूरी है। यदि आप अपने प्यार को आगे की ओर ले जाना चाहते हैं तो आपको सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपका निर्णय सही है या नहीं। इस तरह से आप आसानी से जान सकते हैं कि क्या आप वाकई नए संबंध बनाने के लिए तैयार हैं। आमतौर पर किसी भी व्यक्ति के बारे में जरूरत से ज्यादा ख्यालात आने या उसकी हर छोटी-बड़ी बात अच्छी लगने का अर्थ है कि आप उसे पसंद करने लगे हैं। ऐसे में आप जल्दबाजी में कोई फैसला ना लें बल्कि अच्छी तरह से सोच-विचार कर लें।

ब्लड प्रेशर ज्यादा रहता है तो आजमाएं ये जबरदस्त नुस्खा

अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर की वजह से अक्सर चक्कर आते हैं या सिर में असहनीय दर्द रहता है। जिससे राहत पाने के लिए आप या तो डॉक्टर की दुकान के चक्कर लगाते हैं या किसी पेन किलर का सहारा लेते हैं। तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। एक आसान सा नुस्खा अपनाकर आप इस परेशानी से हमेशा के लिए बिना कोई दवाई खाए छुटकारा पा सकते हैं। बड़ी इलायची में कई औषधीय गुण होने की वजह से ये सांस से जुड़ी कई बीमारियां जैसे अस्थमा, फेफड़े में संकुचन आदि के साथ ब्लड प्रेशर की दिक्कत को भी दूर करती है। देखिए कैसे इसकी मदद से ब्लड प्रेशर को ठीक किया जा सकता है। 200 ग्राम बड़ी इलायची लेकर तवे पर भून लें। इलायची को इतना भूने कि जल कर उसकी राख हो जाए। इलायची की इस राख को पीस कर एक डिब्बे में भरकर अपने पास रख लें। इसके बाद रोज सुबह और शाम खाली पेट खाना खाने से 1 घंटा पहले 5 ग्राम इलायची की राख को 2 चम्मच शहद के साथ मिलाकर खाएं। लगातार 15 से 20 दिन तक इस नुस्खें को आजमाने से आपको किसी भी बीपी की किसी दवा की जरूरत नही पड़ेगी। इस उपाय के अलावा अगर आपके मुंह से दुर्गंध आती हो तो बड़ी इलायची चबाकर आप इस परेशानी से भी निजात पा सकते हैं। इतना ही नहीं मुंह के घावों को ठीक करने के लिए भी बड़ी इलायची का इस्तेमाल किया जाता है।

सिक्स पैक्स एब्स बनाने के लिए आजमाएं ये आसान एक्सरसाइज

यदि आप भी अपना मोटापा घटाकर सिक्स पैक बनाने की फिराक में हैं तो थोड़ी मशक्कत करें। हम आपको ऐसी कुछ असरदार एक्सरसाइज की जानकारी दे रहे हैं जिसे अगर आप अपने शेड्यूल में शामिल करेंगे तो सिक्स पैक्स एब्स बनाना आपके लिए मुश्किल नहीं होगा।

साइकिलिंग – एब्स बनाने के लिए सबसे आसान एक्सरसाइज है साइकिलिंग। जरूरी नहीं कि इसके लिए आप साइकिल पर ही साइकिलिंग करें, बिना साइकिल के भी साइकिलिंग के मूवमेंट आपके लिए उतने ही प्रभावी हो सकते हैं।
मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और हाथों की मदद से अपने सिर को ऊपर उठाएं।
घुटने को छाती से लगाएं और फिर पैरों से साइकिल का पैडल चलाने की कोशिश करें।
पहले बाएं पैर से और फिर दाएं पैर से।
12 से 16 बार का एक सेट बनाएं और एक से तीन बार इसे दोहराएं।

वर्टिकल लेग क्रंच – वर्टिकल लेग क्रंच शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ एब्स बनाने में मददगार है।
मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और पैरों को ऊपर उठाएं जिससे शरीर 90 डिग्री के कोण में हो।
हाथों को सिर के पीछे क्रॉस करके सपोर्ट दें।
अब सीने से पैर छूने का प्रयास करें।
इसे 12 से 16 बार अधिकतम तीन सेट्स में करें।

हील क्रंच – हील क्रंच पारंपरिक क्रंच जैसा ही दिखता है लेकिन उससे ज्यादा प्रभावी है।
पीठ के बल लेट जाएं और पैरों को मोड़ लें, याद रहे कि आपके तलवे जमीन से छूने चाहिए।
दोनों हाथों को क्रॉस करके सिर के नीचे लाएं।
शरीर के निचले हिस्से का भाग एड़ियों पर दें और पंजे उठा लें।
शरीर के ऊपरी हिस्से को उठाने की कोशिश करें।
12 से 16 बार करें। एक से तीन सेट्स कर सकते हैं।
प्लैंक एक्सरसाइज – प्लैंक एक्सरसाइज से एब्स बनाने के अलावा मांसपेशियों को भी मजबूत बना सकते हैं। यह कमर के लिए भी अच्छी एक्ससाइज है।
पेट के बल मैट पर लेट जाएं।
माथे को जमीन से छूने दें।
अब शरीर के ऊपरी हिस्से का भाग कोहनी पर देते हुए कोहनी को जमीन से टिकाएं।
पैरों को पंजों पर टिकाएं।
अब अपने पेट व जांघों को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें।
20 से 30 सेकेंड रुकें और सामान्य हो जाएं, इसे दो से तीन बार करें।

खादी में भी है स्टाइल

बदलते मौसम में कपड़ों के लिए फैब्रिक चुनना जरा मुश्किल लगता है पर खादी ऐसा मैटेरियल है जो आप हर मौसम में बिंदास पहन सकते हैं। खास तौर से गर्मियों हर कोई ऐसे कपड़े पहनना चाहता है, जो कंफर्टेबल होने के साथ-साथ स्टाइलिश भी हों। अगर आप भी अपने लिए कंफर्ट और स्टाइल की तलाश कर रही हैं तो खादी से बेहतर विकल्प क्या हो सकता है।
खादी है डिमांड में – फैशन के रोजाना बदलते ट्रेंड में खादी फैब्रिक्स की खासी डिमांड है। इसमें पैच, कांथा, फुलकारी वर्क और ब्लॉक प्रिंटिंग जैसे कई वरायटीज वाले आउटफिट्स इन दिनों ट्रेंड में हैं। प्रिंट्स और डिजाइंस से अलग प्लेन खादी ड्रेस भी यूनीक लुक देती है। इस फैब्रिक से बने नेहरू जैकेट्स यंगस्टर्स के बीच खासे पसंद किए जाते हैं। साड़ी और सलवार-सूट्स से अलग अब शर्ट, पैंट और स्कर्ट्स में भी कई तरह के कट्स और पैर्टंस में आउटफिट्स देखे जा सकते हैं।

मार्डन ड्रेस में भी जंचती है – अलग अंदाज और स्टाइल में नजर आने के लिए स्पेगेटी टॉप को स्कर्ट या लुक पैंट्स के साथ पहना जा सकता है। खादी के क्रॉप टॉप और रैप-अराउंड स्कर्ट का कॉम्बो बेहद आकर्षक लगता है।
खास है खादी की साड़ी – खादी की हाथ से बनी साड़ी को बेहद पसंद किया जाता है। ये विभिन्न रंगों और स्टाइल में मिलती हैं। मॉडर्न लुक के लिए जरदोंजी की कढ़ाई और ब्लॉक प्रिंट वाली साड़ी चुनें। रंगीन प्लेन साड़ी को कढ़ाईदार शर्ट ब्लाउज के साथ भी पहन सकती हैं, जो आपको एकदम नया लुक देगी।

खादी के कुर्ते देते हैं सोबर लुक – गर्मियों के मौसम में सहज महसूस करना चाहती हैं तो खादी के कुर्ते या शॉर्ट ड्रेस पहन सकती हैं। गले पर बढिय़ा कढ़ाई वाली कुर्ती के साथ कुछ आभूषण भी पहन सकती हैं, जिससे आपके लुक में चार-चांद लग जाएंगे। ये भी आजमायें। चटख रंग के स्कार्फ या दुपट्टे को प्लेन ड्रेस के साथ पहन सकती हैं। दुपट्टे को हलके रंग की कुर्ती के ऊपर पहनें, जिससे आप निश्चित रूप से भीड़ से अलग नजर आएंगी। खादी के शॉर्ट पैंट या श्रग भी पहन सकती हैं। शॉर्ट्स पर श्रग आपको बेहद स्मार्ट लुक देगा।