बिंदी का महत्व

माथे पर लगी बिंदी महिलाओं का सौंदर्य बढ़ाती है ये तो हम सभी जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये बिंदी सिर्फ सौंदर्य ही नही बढ़ाती बल्कि स्वास्थ्य के लिये भी बहुत लाभकारी होती है
1. चेहरे के मसल्स को मजबूत करती है जिससे की झुर्रियों का आना कम होता है। बिन्दी लगाने से ये चेहरे के मसल्स में रक्त का प्रवाह बढ़ता है इससे मसल्स लचीले होते हैं और झुर्रियां कम होती हैं।
2. भौंह के बीच की लाइन को कम करती है- इसको लेकर बहुत सारे प्रॉबल्म होते हैं जो मसाज करने पर कम हो जाते हैं। मसाज से ब्लड सरकुलेशन बढ़ जाता है।
3. एकाग्रता के केंद्र- बिंदी को दो भौंह के बीच लगाया जाता है। जहां शरीर के सभी नसें एक जगह मिलते हैं। इसको अग्नि चक्र कहते हैं। इस जगह को तृतीय नेत्र भी कहते हैं। बिन्दी लगाने से मन शांत और तनाव कम होता है।
4. सिरदर्द से राहत- एक्यूप्रेशर के अनुसार माथे के इस बिन्दु को मसाज करने से सिरदर्द से तुरन्त राहत मिलती है, क्योंकि इससे नसों और रक्त कोशिकाओं को आराम मिलता है।
5. साइनस से आराम- इस प्वाइंट को मसाज करने पर रक्त का संचालन नाक के आस-पास अच्छी तरह से होने लगता है जिससे साइनस के कारण सूजन कम हो जाता है और बंद नाक खुल जाता है। इससे बहुत आराम मिलता है।
6. मन को शांत करती है- भौंह के बीच का ये हिस्सा बेहद संवेदनशील होता है तनाव होने पर हमारा यही हिस्सा दुखने लगता है। बिंदी इसको शांत करके क्षति को पूर्ण करने में मदद करती है।
7. अनिद्रा से राहत- बिंदी लगाने से चेहरा, गर्दन, पीठ और शरीर के ऊपरी भाग के मसल्स को आराम मिलता है जिससे अनिद्रा की बीमारी से राहत मिलती है।
8. एक तरफ के चेहरे का पक्षाघात के लक्षण से दिलाती है राहत- इस प्वाइंट को मसाज करने से चेहरे के नसें उत्तेजित हो जाती हैं और इस बीमारी के लक्षणों से राहत मिलती है।
आयुर्वेद में इसको ’शिरोधरा’ कहते हैं। इसमें 40-60 मिनट तक मेडिकेटेड ऑयल को कपाल के इस बिन्दु में मसाज किया जाता है।
9. आँखों के मसल्स के लिए अच्छा होता है- माथे के मध्य का ये केंद्रबिन्दु की नसें आँखों के मांसपेशियों से संबंधित होते हैं जो अगल-बगल देखने और स्पष्ट देखने में मदद करती हैं।
10. श्रवणशक्ति बेहतर होती है- जो नस चेहरे के मसल्स को उत्तेजित करती है वह कान के भीतर के मसल्स से सुदृढ़ करके कान को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

सर्दियों में मेकअप करते समय ध्यान रखें ये बातें

चेहरे को यंग और अट्रैक्टिव लुक देने के लिए जरूरी है कि आपको मेकअप की सही और पूरी जानकारी हो। आज कल हैवी मेकअप का चलन नहीं है। अब मेकअप हमेशा लाइट और नेचरल ही रखा जाता है। जानें मेकअप की सही तरीका।
सनस्क्रीन से करें शुरुआत – यंग लुक के लिए चेहरे की त्वचा पर ओस की बूंदों की तरह ताजगी होना जरूरी है। चाहे बदली हो या तेज धूप, चेहरे पर हर दिन सबसे पहले सनस्क्रीन लगाने की आदत डालें। अगर आपकी त्वचा सेंसिटिव है तो टिंटेड मॉइश्चराइजर लगाएं। यह चेहरे पर फाउंडेशन के तौर पर काम करेगा। अगर आपकी स्किन ऑइली है तो चेहरे को गुनगुने पानी से धोकर सुखा लें और इसके बाद सनस्क्रीन अप्लाई करें।
कंसीलर -कंसीलर चेहरे के मुहांसों, दाग-धब्बों और आंखों के नीचे डार्क सर्कल को छिपाने के लिए यूज किया जाता है। ध्यान रखें, हमेशा स्किन टोन के अनुसार ही कंसीलर का इस्तेमाल करें। इसे बीच वाली अंगुली यानी रिंग फिंगर के पोर में लेकर चेहरे पर लगाएं। फिर उसे स्पॉन्ज से फैलाएं। कंसीलर को चेहरे के उसी स्पॉट पर लगाएं, जहां इसकी ज्यादा जरूरत है।
फाउंडेशन –
चेहरे पर टिंटेड मॉइश्चराइजर या फाउंडेशन लगाएं ।
फाउंडेशन लगाने के लिए फोम स्पॉन्ज यूज करें।
ध्यान रहे, फाउंडेशन आपकी स्किन टोन से मेल खाता हुआ होना चाहिए।
चेहरे पर ग्लो लाने के लिए फाउंडेशन लगाने से पहले मॉइश्चराइजर लगाएं।
अगर आपकी स्किन टोन डार्क है तो उसे लाइट कलर के फाउंडेशन से न छिपाएं।
पीली रंगत वाली त्वचा पर लाइट ऑरेंज टिंट वाला फाउंडेशन लगाएं।
आंखें – आई लाइनर लगाने के कई तरीके हैं। मेकअप एक्सपर्ट्स आंखों की सुंदरता को तीन भागों में बांटते हैं- बेसिक आई, स्मोकी आई और कैट आई।
बेसिक आई के लिए ऊपर और नीचे की पलकों पर आई लाइनर लगाना चाहिए।
आंखें छोटी हों या बड़ी, आई लाइनर या पेंसिल से उसे बड़ा या छोटा लुक दिया जा सकता है। आईशैडो भी लगा सकती हैं। इसे लगाने से आंखें बड़ी और खूबसूरत दिखती हैं। मस्कारा आई लैशेज के नीचे लगता है।
लिप्स – होठों को किस तरह का ट्रीटमेंट देना है, यह आप पर निर्भर करता है। कोई सिर्फ लिप लाइनर लगाता है तो कोई होंठों पर कलरफुल लिप ग्लॉस लगाता है और कोई लिप बाम। मेकअप एक्सपर्ट की मानें तो लिपस्टिक से बेहतर कलरफुल लिप ग्लॉस है। सिल्की और नॉनस्टिकी लिप ग्लॉस से होंठ सॉफ्ट बने रहते हैं। लिप ग्लॉस में मौजूद विटामिन ई होंठों पर पपड़ी नहीं बनने देता, जिससे लिप्स खूबसूरत दिखते हैं।
पिंक या इससे मिलते-जुलते लिप ग्लॉस के शेड्स लिप्स पर बहुत खिलते है

सर्दी में निकलती त्वचा से बचाव के 5 उपाय

सर्दी के दिनों में त्वचा का रूखा और बेजान होना, कई बार त्वचा की परतों के निकलने का कारण भी बनता है। इससे बचने के लिए जरूरत है त्वचा की विशेष देखभाल की। जानिए कौन से उपाय बचाएंगे आपकी त्वचा को निकलने से –
1 अगर आपकी त्वचा बेहद रूखी अैर बेजान हो चुकी है और उसकी परतें निकल रही हैं, तो पहले स्क्रब की सहायता से मृत त्वचा को हटाएं। इससे आपकी त्वचा साफ होगी और इसके बाद आप इससे अच्छी तरह से चिकनाई प्रदान करें।
2. त्वचा को चिकना और नमीयुक्त बनाए रखने का पुराने जमाने का सबसे बेहतरीन उपाय है घी। बस रात को सोते समय अपनी त्वचा पर अंगुलियों के पोरों से घी लगाएं और तब तक मसाज करें, जब तक आपकी त्वचा इसे पूरी तरह से सोख न ले। सुबह उठकर आप पाएंगे नर्म, मुलायम और चिकनी त्वचा।
3. वैसलीन यानि पेट्रोलियम जैली का इसतेमाल भी त्वचा को जरूरी चिकनाई देने में मदद करेगा। इसे लगाने के बाद त्वचा का रूखापन समाप्त हो जाएगा और त्वचा निकलनी बंद हो जाएगी। घर पर भी आप पेट्रोलियम जैली बना सकते हैं।
4. घर में रखा नारियल तेल भी त्वचा के लिए बढ़िया विकल्प है। रात को सोने से पहले और दिन में नहाने के तुरंत बाद नारियल तेल से मसाज करें। इससे त्वचा में आसानी से चिकनाई पहुंचेगी और रूखी त्वचा में बेहद लाभ होगा।
5. भरपूर मात्रा में पानी पीना भी आपको इस समस्या से निजात दिला सकता है। शरीर में नमी बनी रहने से त्वचा में रूखापन नहीं आता और त्वचा का निकलना कम होता है। इसके अलावा आप जूस या फलों का सेवन भी कर सकते हैं।

आंखों के नीचे के डार्क सर्कल्स ऐसे करें विदा

आंखों के नीचे के काले घेरे बढ़ती उम्र के बताते हैं। काले घेरे से परेशान हैं, तो ठंडे टी(चाय) बैग या मलाई आजमाएं, ये डार्क सर्कल्स को कम करने में मददगार हैं।

टी बैगः रेफ्रिजरेटर में आधे घंटे तक रखे गए दो ब्लैक या ग्रीन ठंडे चाय के बैग का इस्तेमाल करें। उन्हें दोनों आंखों पर रखें और 10-15 मिनट तक वहीं रहने दें। इसके बाद उन्हें हटाएं और अपना मुहं धो लें इस प्रक्रिया को कुछ सप्ताह तक दो बार करें।

ठंडक : ठंडे पानी या दूध में भीगा हुआ साफ कपड़ा लें और कुछ मिनटों के लिए इन्हें अपनी पलकों के पास रखें। मुलायम कपड़ों में बर्फ का टुकड़ा लपेटें और कुछ मिनटों तक इसे अपनी आंख के पास रखें।

मलाई : दो चम्मच मलाई और एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाएं। इसे काले घेरों पर लगाएं। इसे 15 से 20 मिनट तक रहने दीजिए, बाद में इसे गुनगुने पानी से धो लें।

पुदीना : पुदीने की पत्तियों को हाथों से पीस लें। पुदीने की पत्तियों में नींबू का रस मिलाएं। इसे 15 से 20 मिनट तक लगाएं। इसके बाद धो लें। इसे रोजाना दो बार करें।

सरसों तेल के ब्यूटी सीक्रेट्स

मस्टर्ड ऑयल जिसे साधारणत सरसों के तेल से जाना जाता है और जिसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल घर के किचन में होता है। सरसों का तेल ना सिर्फ हमारे खाने को स्वादिष्ट बनाता है बल्कि हमारे हेल्थ, हेयर और स्किन के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसलिए अगर आप महंगे कॉस्मेटिक्स पर पैसे और समय बर्बाद किये बिना प्राकृतिक सुंदरता और स्वास्थ्य की कामना करती हैं तो सरसों का तेल आपके लिए बेस्ट च्वाइस है।

बालों के लिए – बालों पर सरसों के तेल का नियमित इस्तेमाल इन्हें समय से पहले सफेद होने से रोकता है। ये आपके बाल को पकने से बचाता है और साथ ही इसे जड़ से मजबूत भी बनाता है। बालों को नेचुरली ग्रोथ देता है। विटामिन, मिनरल, आयरन और कैल्शियम जैसे तत्व भरपूर मात्रा में बालों को मिलते हैं। इसमें बीटा केरेटिन भारी मात्रा में पाया जाता है जो बालों के लिए बहुत जरुरी होता है। इसके नियमित मसाज से बाल लंबे और घने होते हैं। बराबर मात्रा में ऑलिव ऑयल, कोकोनट ऑयल और मस्टर्ड ऑयल मिला कर बालों पर लगाने से बालों के गिरने की समस्या से भी छुटकारा मिलता है। ये प्रक्रिया सप्ताह में दो बार अवश्य करें। बालों की जड़ों में होने वाले फंगल प्रॉब्लम से भी ये निजात दिलाता है।

स्किन के लिए – सूरज की हानिकारक किरणों से होने वाले टैनिंग से भी छुटकारा दिलाता है और स्किन को चमकदार बनाता है। कोकोनट ऑयल और मस्टर्ड ऑयल को बराबर मात्रा में मिलाकर इसे चेहरे पर दस से बारह मिनट तक मसाज करें। ये आपके स्किन कॉम्प्लेक्शन को फेयर बनाता है। इसमें उपस्थित विटामिन ‘ई’ एक नेचुरल सनस्क्रीन की तरह बॉडी पर काम करता है। इसके नियमित इस्तेमाल से स्किन कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है साथ ही स्किन में होने वाले झुर्रियों से भी छुटकारा मिलता है। डार्क स्पॉट्स को हटाता है। एक बड़ा चम्मच बेसन में चंदन पाउडर, शहद औऱ मस्टर्ड ऑयल मिक्स करें। इस पेस्ट को अपने फेस पर पैक की तरह इस्तेमाल करें और धीरे धीरे चेहरे पर मसाज करें। थोड़ी देर के बाद इसे साफ पानी से धो दें। स्किन रैशेज को भी हटाता है इसके अलावा ये लिप मॉइश्चराइजिंग के लिए भी अच्छा काम करता है। सोने के पहले लिप पर और बेली बटन पर मस्टर्ड ऑइल लगायें।

स्वास्थ्य के लिए – स्किन कैंसर के रिस्क को कम करता है। कोल्ड और कफ में भी ये काफी फायदेमंद होता है। मस्टर्ड ऑइल में अजवाइन मिलाकर बॉइल करें और चेस्ट पर सोने से पहले लगायें। ये आपको कोल्ड में काफी मददगार साबित होगा। अस्थमा के मरीजों के लिए भी ये काफी फायदेमंद होता है। बॉडी दर्द में भी ये काफी कारगर होता है। रात के समय इसे गर्म करके अपनी बॉडी पर लगायें इससे दर्द में राहत मिलती है।

त्वचा पर मौसम का प्रभाव

 

प्रत्येक मौसम में त्वचा की अलग-अलग तरह से देखभाल करनी पड़ती है। त्वचा पर ऋतु का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। सर्दियों में यह खुश्क हो सकती है तो गर्मियों में इसका तेल बह सकता है। इसलिए आप अपनी त्वचा की प्रकृति को जानकर नीचे दिए गए टिप्स के अनुसार उसकी उचित देख-रेख करेंगी तो आप हर मौसम में चमकती और दमकती त्वचा पा सकती है।

  •  सामान्य त्वचा वाली स्त्री या पुरूष को गर्मियों में हमेशा अपना चेहरा बेबी सोप और ठंडे पानी से धोना चाहिए।
  •  गर्मी के मौसम में तेलीय त्वचा और भी चिपचिपी हो जाती है अतः इन दिनों, अर्थात गर्मी के मौसम में किसी औषधियुक्त साबुन का प्रयोग करना चाहिए और मेकअप करने से पहले आइस पैक लगाना चाहिए।
  •  रूखी त्वचा गर्मी के दिनों में खिंची-खिंची सी लगती है, अतः इन दिनों त्वचा पर कोई भी हल्का सा माइस्चराइजर लगाएं।
  •  सर्दियों में रूखी त्वचा पर लकीरें सी पड़ जाती हैं, अतः इन दिनों नींबू का रस, ग्लिसरीन और गुलाब जल को बराबर मात्रा में लेकर शरीर के खुले भाग पर सुबह-शाम लगाएं। इससे त्वचा बेदाग भी रहेगी और कांतिमय होकर त्वचा का फटना भी रूक जाएगा।
  •  चंदन के तेल में नारियल का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर त्वचा पर लगाएं, दस मिनट बाद कुनकुने पानी से धो लें। खुश्क त्वचा में होने वाली खुश्की से राहत मिलेगी।
  •  गुलाबी ठंडक में शरीर पर, खास-तौर से रूखी त्वचा पर नींबू, हल्दी व मलाई को रगड़ने से जहां एक ओर त्वचा में नमी आती हैं, वहीं त्वचा स्निगध भी हो जाती है।
  •  त्वचा की खुश्की दूर करने के लिए गुलाब जल और जैतून का तेल बराबर मात्रा में लेकर उसमें थोड़ा सा कच्चा दूध मिला लें। इसे त्वचा पर हल्के हाथों से मलें। दस मिनट बाद कुनकुने पानी से स्नान कर लें।
  •  रूखी त्वचा होने पर सर्दियों में प्रतिदिन प्रातः स्नान के पश्चात बेबी ऑयल प्रयोग में लाएं।
  •  सर्दियों में रूखी त्वचा पर संतरे के छिलके रगड़ने से न केवल शरीर में एक नई आभा आती हैं, अपितु शरीर में कसावट भी आती है।
  •  रूखी त्वचा के लिए सर्दियों में सबसे कारगर उपाय है, धूप में प्रतिदिन जैतून के तेल या बादाम रोगन से मालिश करें एवं गुनगुने पानी से स्नान करें।
  •  सर्दियों में तैलीय त्वचा के लिए विशेष प्रकार की देखभाल की आवश्यकता नहीं होती, फिर भी इन दिनों यदि चेहरे पर रात को गाजर व टमाटर का रस निकालकर चेहरे पर लगाया जाए तो चेहरे की अतिरिक्त चिकनाई खत्म होगी।
  •  सर्दियों में तैलीय त्वचा पर ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर लगाएं।
  •  प्रातः काल उठकर नहाने से आधा घंटा पूर्व धूप में बैठकर खाली हाथों से पूरे शरीर की मालिश करें। इससे शरीर का अतिरिक्त तेल निकल जाएगा और धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से चिकनाहट बनी रह जाएगी।
  •  सर्दियों में सामान्य त्वचा की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इसके लिए बादामयुक्त मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें।
कैसे बनाएं रखे आंखों की खूबसूरती

सुंदर और स्वस्थ आंखे चेहरे का आकर्षण बढ़ा देती है। अगर आपकी आंखों की बनावट सुंदर और आकर्षण है तो आप बहुत भाग्यशाली हैं। लेकिन अगर किसी की आंखे प्राकृतिक रूप से सुंदर नहीं हैं तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। उचित देखभाल और सही मेकअप के जरिये उन्हें भी आकर्षण बनाया जा सकता है।
आइए हम आपको बताते है कि आज की जीवनशैली में आखों की देखभाल कैसे करेंः-

  •  पेट की बीमारी से भी आंखों की समस्या पैदा हो सकती है। इसके लिए सुबह-सुबह एक ग्लास गर्म पानी में एक नींबू का रस निचोड़कर पीने से पेट साफ रहता है।
  •  हफ्ते में एक दिन आंखों पर ठंडे पानी में टी बैग को डुबोकर आंखो पर 10-15 मिनट तक रखें। इसके अलावा खीरे के पतले गोल टुकड़े करके फ्रिज में आधे घंटे के लिए रख दें, फिर लेट कर आंखो पर एक टुकड़ा रखकर बीस मिनट तक आंखे बंद करके आराम करें। ऐसा करने से आंखों का बहुत आराम मिलेगा और आप तरोताजा महसूस करेंगी। इससे आंखों में चमक भी आने लगेगी।
  • आंखो को स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है।
  •  थकी हुई और लाल आंखो को ताजगी प्रदान करने के लिए खीरे के गोल टुकड़े काटकर आंखों पर दस मिनट तक रखें, फिर गुलाबजल में रूई भिगोकर आंखो पर लगाएं। एक मिनट बाद ठंडे पानी से छीटें मारकर साफ करें।
  •  आंखो के नीचे काले घेरे हों तो एक कच्चे आलू को कसकट काले घरों पर लगाएं। आधे घंटे के बाद ठंडे पानी से आंखे धो ले और मायस्चराइजर लगा लें।
  •  रात में सोने से पहले आंखों के नीचे अंडर आई क्रीम या जेल लगाकर सोएं।
  •  धूप में बाहर जाना हो तो सनग्लासेज लगाएं और सनब्लाक लगाना न भूलें।
  •  डाइटीशियन कहते हैं कि आंखो की सेहत के लिए आपका आहार भी बहुत महत्वपूर्ण है। अपने आहार में विटमिन ‘ए’ प्रचुर मात्रा में ले। यह दूध और दूध से बने पदार्थो, मछली, अंडे, पीले फलों और सब्जियों, गाजर, पालक, आडू और पपीते आदि में पाया जाता है।
  •  अगर आंखो के आसपास झुर्रियां नजर आने लगी है तो प्रतिदिन सैलेड और हरी सब्जियों में एक टी स्पून वेजटेबल ऑयल डालकर खाएं।
  •  आंखों पर एंटी रिंकल क्रीम लगाएं। इसके लिए कैस्टर ऑयल, ऑलिव ऑयल और पेट्रोलियम जेली को बराबर मात्रा में अच्छी तरह मिलाकर एक जार में अच्छी तरह मिलाकर एक जार में रख लें। इसे रोजाना आंखों पर और उसके आसपास लगाकर हल्की मालिश करें।
  •  पानी में एक चुटकी बोरिक एसिड़ मिलाकर उबालें। ठंडा करके इस पानी से आंखों को धोएं, ऐसा करने से आंखों को आराम व ठंडक मिलेगी।
  •  अगर आपकी आंखों में जलन होती हो तो एक टी स्पून उबले पानी में दो टेबल स्पून गुलाबजल मिलाएं। इससे आंखे साफ करें।
    आंखों के लिए एक्सरसाइज भी है बेहद जरूरी
  •  फिटनेस एक्सपर्ट के मुताबिक आंखों को आराम देने और सुंदर बनाने के लिए नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है। इसके लिए एक शांत कमरे में लाइट बंद करके दोनों हाथों को आंखों पर रखें, पांच मिनट तक आंखें बंद करें, फिर आंखें खोलकर फैलाएं और अंधेरे में देखने की कोशिश करें। आंखों को आराम मिलेगा।
  •  अगर आपकी आंखे कमजोर हैं और आप चश्मा लगाती हैं तो काम के हर एक घंटे बाद चश्मा उतार कर आंखे कर आंखे बंद करके पांच मिनट के लिए उन्हें आराम दें।
  •  आराम की मुद्रा में बैठ जाएं। अपनी आंखों को गोलाइ्र में घुमाएं। पहले एक दिशा में फिर दूसरी दिशा में घुमाएं।
  •  अपनी चार उंगलियों को आंखों के सामने लांए फिर धीरे-धीरे दूर ले जाएं। यह प्रक्रिया कम से कम पांच बार दोहराएं।
  •  आप जब भी बाहर जाएं तो पेड़-पौधों को ध्यान से देखते रहें। हरियाली या हरा रंग आंखों को बहुत सुकून देता हैं।
    कैसा करें आंखों का मेकअपः- सौंदर्य विशेषज्ञ कहते हैं कि आंखों के मेकअप के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि भौहें सही आकार में बनी होनी चाहिए। भौहें बनाने का सबसे सही समय नहाने के बाद होता है। भौहें सही आकार में और साफ-सुथरी न हों तो आई मेकअप बहुत खराब लगता है। भौहें नेचुरल रखें। ‘सी’ आकार वाली बौर बेहद पतली भौहें चलन से बाहर हैं। जो बाल आकार से बाहर हों, बस उन्हीं फालतू बालों को हटवाएं। चेहरे पर बेस लगाने के बाद सबसे पहले आंखों का मेकअप किया जाना चाहिए।
  •  आईशैड़ो से शुरूआत करें- आजकल लाइट शिमरी कलर्स चलन में हैं। पलकों पर पहले अपने कपड़े और त्वचा के रंग से मेल खाता हुआ आईशैड़ो ब्रश की सहायता से लगाएं। फिर थोड़ा हाइलाइटर आइशैडो में मिलाएं। इसके बाद आइलैशेज को कर्ल करें। वाल्यूमाइजिंग या ट्रांस्पेरेंट मस्कारा के दो कोट लगाएं।
  •  सबसे अंत में आइलाइनर से आंखों को खूबसूरत आकार दें। आंखों का मेकअप करने के बाद अपनी आइब्रोज को कोंब करें। अंत में आईब्रो पेंसिल से उन्हें हल्का गहरा करें।
  •  रात में आंखों का मेकअप उतारना न भूलें। अगर आप कृतिम बरौनियां लगाती हों तो सबसे पहले उन्हें हटाएं। फिर क्लींजिंग जेल और गीली रूई की सहायता से आईलाइनर और आइशैड़ो हटाएं।
  •  आंखे बंद करके गीली रूई से भीतरी कोने से बाहरी कोने तक हल्के से पोंछे। ध्यान रखें त्वचा पर खरोंच न आए।
डैंड्रफ जब समस्या बनने लगे

डैंड्रफ यानी रूसी की एक सामान्य मात्रा हर एक के बालों में होती है। लेकिन अगर डैंड्रफ इतना बढ़ जाए कि कंघी और कपड़ों पर गिरने लगे तो समस्या विकट हो जाती है। डैंड्रफ सिर की त्वचा की मृत कोशिकाएं होती हैं, जो लगातार बनती रहती है। अगर बालों की देखभाल तरीके से न की जाए तो डैंड्रफ की समस्या बढ़ने लगती है। नेचर्स एसेंस् की सुप्रसिद्ध सौंदर्य विशेषज्ञ सुनीता अरोड़ा, डैंड्रफ की समस्याओं पर कुछ उपयोगी सुझाव दे रही हैं।
ऽ डैंड्रफ का असर :- डैंड्रफ बालों की जड़ों को कमजोर करता है, फलतः बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। डैंड्रफ सिर की त्वचा की सतह पर चिपक जाता हैं, जिससे जड़ों की ओर हवा का प्रवाह बाधित होता है। परिणामस्वरूप, बालों की जड़े कमजोर और बालों पर इनकी पकड़ ढीली पडती है।

  •  डैंड्रफ का कारण :- इस क्षेत्र में अध्ययनों से कुछ बात सामने आई है जैसे कि पचास फीसदी से अधिक युवा इस समस्या से कभी ना कभी पीड़ित रहते हैं। यह माना जाता है कि सिर की त्वचा पर हुआ फंगल इनफेक्शन भी डैंड्रफ का कारण हो सकता है। इस समस्या के उपजने का एक बहुत बड़ा कारण उपापचय प्रक्रिया में गड़बड़ी होना भी है। सिर की त्वचा में नई कोशिकाएं लगातार बनती रहती है और उसी अनुपात में मृत कोशिकाएं भी तैयार होती रहती है। उपापचय प्रक्रिया में असंतुलन पैदा होने पर नई कोशिकाएं तेजी से बनने लगती हैं, जिसके कारण मृत कोशिकाएं यानी डैंड्रफ तेजी से बनने लगते हैं। उपापचय प्रक्रिया में असंतुलन के निम्न कारण हो सकते है-
  •  ड्रग्स
  •  भवानात्मक तनाव
  •  युवावस्था के शारीरिक बदलाव
  •  मौसम या खानपान में अचानक आया परिवर्तन
    क्या आपको वास्तव में डैंड्रफ की समस्या है?
    डैंड्रफ का उपचार करने से पहले ये सुनिश्चित कर लें कि आपके बालों से वाकई डैंड्रफ है भी या नहीं। क्योंकि कभी-कभी सिर की त्वचा पर डैंड्रफ नुमा छोटे-छोटे कण तेज धूप या हेयर ड्रायर के अत्यधिक इस्तेमाल से भी हो जाते है। बालों में साबुन या आसानी से न साफ होने वाले शैंपू के इस्तेमाल से भी ऐसा हो जाता है।
     आपका कंघा ब्रश और डैंड्रफ
    कभी भी डैंड्रफ से पीड़ित व्यक्ति का इस्तेमाल किया हुआ कंघा या ब्रश इस्तेमाल न करें। इससे आप भी डैंड्रफ की चपेट में आ सकते है। हर बार शैंपू करने के बाद अपने कंघे और ब्रश को अच्छी तरह साफ करना न भूलें। डैंड्रफ से बचाव के लिए बालों पर ब्रश का इस्तेमाल करें और सप्ताह में कम से कम एक बार शैंपू का प्रयोग करें। बालों का धोते समय ध्यान रखें कि सिर से पानी चेहरे पर न गिरे क्योंकि यह मुहासों का कारण बन सकता है।
    डैंड्रफ के कुछ घरेलू उपचारः- छह चम्मच पानी में दो चम्मच शुद्ध सिरका मिला लें और सोने से पहले रूई से सिर की त्वचा में लगा लें। तकिये को गंदा होने से बचाने के लिए सिर पर तौलिया बांध कर लेटें। दूसरी सुबह शैंपू करने के बाद एक बार फिर सिरके से बाल धोएं। यह प्रक्रिया सप्ताह में एक बार तीन महीने तक लगातार करें।
  •  मेथी के बीज डैंड्रफ, बालों को गिरने गंजेपन और बालों को लंबे, काले और घने बनाने में बहुत लाभदायक होते हैं। मेथी के बीज को पानी में भिगो कर रात भर रखें। सुबह इसे पीस कर पेस्ट बना लें। बाल धाने के पहले आधे घंटे तक इस पेस्ट को सिर की त्वचा पर लगाएं। आधे घंटे बाद बालों में शैंपू कर लें।
    डैंड्रफ में उपयोगी मसाज :- गर्म नारियल या कैस्टर के तेल से सप्ताह में दो बार सिर की त्वचा पर अच्छी तरह मसाज करें।
  •  अपनी उंगलियों से पोरों से कम से कम आधे घंटे तक गोलाकार गति से मसाज करें।
  •  अगली सुबह शैंपू कर लें।
  •  इस तरह की मसाज से सिर में रक्त प्रवाह तेज होता है। फलस्वरूप बाल रूखे नहीं होते और इनकी जड़े मजबूत होती है। डैंड्रफ के नियंत्रण के लिए यह काफी लाभप्रद होता है।
    डैंड्रफ में उपयोगी, अंडे का पैकः- दो कच्चे अंडे में दो छोटे चम्मच पानी मिला लें। बालों को गीला करके इस मिश्रण को बालों पर लगाएं। अब सिर पर मसाज करते हुए दस से पंद्रह मिनट तक छोंड़ दें। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से बालों को धो लें। यह आपको डैंड्रफ और बाल झड़ने, दोनों समस्याओं से दूर रखेगा।

आमतौर पर शरीर के ऊपर हिस्सों यानी चेहरे, हाथों और बालों की ओर जितना ध्यान देते हैं, उसकी तुलना में पैरों की देखभाल पर कम ही ध्यान देते हैं जिससे पैरों की सुंदरता कम हो जाती है। पूरे शरीर का बोझ उठाने वाले पैर का तिरस्कार नहीं बल्कि उसकी देखभाल करें। पैरों पर ही शरीर का संतुलन बना रहता है, इसलिए मुद्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जब आप खड़े होते हैं या चलते हैं, आपके पैर आगे की ओर सीधे ही रहने चाहिए। चलते समय अपनी एड़ियों को धीरे-धीरे उठायें ताकि आपके शरीर का पूरा वनज आपके जूतों पर ही पड़े। लगातार एड़ियों पर वनज पड़ने से आपको कमर दर्द और पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। आप अपने पैरों को मजबूत करने के लिए व्यायाम भी करें। आप पैरों के अंगूठों के बल सीधे खड़े होकर पीछे की तरफ झुकने की कोशिश करें। इससे आपके पांव मजबूत होंगे। अपने पैरों की उंगलियों को इस तरह से मोडें कि ऐसा लगे कि आप किसी चीज को उठाने की कोशिश कर रहे हैं। पैरों के अंगूठों को स्ट्रेच करके उन्हें गोल गोल घमायें। इससे उन्हें मजबूती मिलेगी। इसके अलावा ध्यान रखें कि पैरों की फटी हुई त्वचा को कभी भी तेज क्लिपर से न काटें बल्कि ठंडे क्रीम से मसाज करके उसे दबा दें। मालिश हमेश ऊपर की ओर हाथ फेरते हुए करें। अगर आप पैरों को कीटाणुरहित और रोगमुक्त रखना चाहते हैं तो पैरों की अंगुलियों के बीच के पसीने को सूखे साफ कपड़े से पोंछ कर उन पर टेलकम पाउडर लगाकर रखें। इससे आप घंटों तरोताजा महसूस करेंगे। गलत नाम के जूते का प्रयोग न करें। इससे रक्त संचार में बाधा आती है। जिन लोगों को काफी चलना पड़ता हो या खड़े रहना पड़ता हो, उन्हें पैरों की आरामदायक स्थिति के लिए चौड़े सोल और कम हील वाले जूते ही पहनने चाहिए। जूतों का अगला सिरा खासतौर पर चौड़ा होना चाहिए, ताकि आपकी अंगुलियाँ आरामदायक स्थिति में रहें और उनपर अतिरिक्त कसाव न पड़े। देखभाल के लिए जरूरी टिप्स समय-समय पर पैडीक्योर करवाते रहें। पैरों को गुनगुने पानी में डुबोने से पहले उसमें ऑलिव ऑयल या वेजिटेबल ऑयल की कुछ बूंदे डाल लें। शुष्क मौसम में पैरों की मालिश करें। दर्द और सूजन वाले पैरों के लिए आप कंट्रास्ट बाथ ले सकते हैं। पैरों को नमक मिले गुनगुने पानी में डुबोकर रखे। थोड़ी देर बाद पैरों को ठंडे पानी में डुबों दे और इस तरह गर्म और ठंडे पानी का अहसास पैरों को दिलाते रहें। आप जल्द ही राहत महसूस करेंगे।

मर्द हो या औरत हर किसी की चाहत होती है कि उसके बाल काले, घने और सुंदर हों। लेकिन पोषक तत्वों की कमी और सही ध्यान न रखने के कारण बाल कमजोर हो जाते हैं और झडने लगते हैं। साथ ही कई लोग बालों के रूखेपन से भी खासा परेशान होेते हैं। इसलिए आपके बालों को सुन्दर, घने और चमकदार बनाने के लिए हम लाये हैं कुछ घरेलू उपाय जिनके जरिये आपके बालों को भरपूर पोषण और ताकत मिलेगी और बाल हमेंशा स्वस्थ रहेंगे।
बालों को काला, घना और मुलायम बनाने के उपाय

1 अंडे के पेस्ट में दही मिलाकर इसे बालों में कंडिशनर की तरह लगायें। इससे बाल स्ट्रोंग बनेंगे।
2 हर तीन दिन में बालों की गुनगुने सरसों के तेल से मालिश करें। इससे बालो को पोषक तत्व मिलते रहेंगे और सिर में खून का प्रभाव भी सही रहता है।
3 पिसे हुए मेथी के दानों का पेस्ट बनाकर बालों पर लगाने से बालो की रूसी खत्म हो जाती है।

4 नारियल के तेल में कुछ बूंदे नींबू के रस की डालकर बालों की जड़ों तक मालिश करें। इससे भी रूसी खत्म होती है।
5 बालों का रूखापन दूर करने के लिए सूरजमुखी के तेल से बालों की जड़ों तक मालिश करें।
6 बालों को साफ रखने के लिए हर 4-5 दिन में चावल या बेसन के आटे से बालों को धोएं।
7 अरंडी को तेल लगाने से बाल लंबे बने रहते हैं और टूटते नहीं है। इसके नियमित इस्तेमाल से आपके बाल उगने लगेंगे जिससे आपके बाल घने हो जायेंगे।
8 बालों पर केमिकल युक्त साबुन और शैम्पू का प्रयोग न करें।