शादी से पहले घटाएं वजन

अपनी शादी को लेकर हर लड़की के अरमान होते हैं कि वो खूबसूरत दिखे। शादी के दिन हर किसी की नजरें उस पर टिकी रहे और हर कोई उसकी खूबसूरती की तारीफ करे। ऐसे में अगर कोई लड़की अपने मोटापे से परेशान हैं और शादी की तारीख बस आने ही वाली है तो उसके लिए हमारे पास है उसका समाधान तो चलिए एक नजर डालते हैं।
1- इतने कम समय में आपको जब मोटापा कम करना है तो ऐसे में खाने की मात्रा बिल्कुल कम न करें। शरीर को 1200 कैलोरी की प्रतिदिन जरुरत होती है। ऐसे में आप 1000 से कम कैलोरी किसी भी स्थिति में न लें। इससे थकान और उर्जा की कमी नहीं होगी।
2- खाने में तैलीय और स्पाइसी चीजों से परहेज करें। लो कैलोरी फूड खाएं। उबली हुई सब्जियां भी फायदेमंद होंगी। शूगर फ्री जूस, सूप, ग्रीन टी, नारियल पानी, नींबू पानी का सेवन कुछ घंटों में कर सकते हैं। इससे आपके चेहरे की चमक बरकरार रहेगी और वजन कम करने मे भी ये कारगार साबित होगा।
3- बिस्किट, ब्रेड, नमकीन, चॉकलेट, चिप्स जैसी चीजों से परहेज करें। मैदे की चीजें बिल्कुल न खाएं। सूप और जूस के मामले में भी बाजार की चीजों के बजाए घर पर ही बनाकर लें।
4-फल, सब्जियां, सलाद एवं सूखे मेवों को आहार में ज्यादा से ज्यादा शामिल करें। इससे आपके शरीर में पोषण की कमी नहीं होगी और उर्जा बनीं रहेगी। इसके अलावा आपका पेट भी जल्दी भर जाएगा।
5- सुबह और शाम के समय लगभग 1 घंटा पैदल चलें और कार्डियो व्यायाम करें। लगभग 1 से डेढ़ घंटा कार्डियो करें। इसके अलावा योगा करने से भी शरीर सही आकार में आएगा।
6- सुबह खाली पेट गरम पानी में नींबू-शहद या फिर दालचीनी का पाउडर लें। आप चाहें तो हरा धनिया और नींबू का जूस बनाकर भी खाली पेट ले सकते हैं यह भी वजन कम करने में सहायक है।

सिक्स पैक्स एब्स बनाने के लिए आजमाएं ये आसान एक्सरसाइज

यदि आप भी अपना मोटापा घटाकर सिक्स पैक बनाने की फिराक में हैं तो थोड़ी मशक्कत करें। हम आपको ऐसी कुछ असरदार एक्सरसाइज की जानकारी दे रहे हैं जिसे अगर आप अपने शेड्यूल में शामिल करेंगे तो सिक्स पैक्स एब्स बनाना आपके लिए मुश्किल नहीं होगा।

साइकिलिंग – एब्स बनाने के लिए सबसे आसान एक्सरसाइज है साइकिलिंग। जरूरी नहीं कि इसके लिए आप साइकिल पर ही साइकिलिंग करें, बिना साइकिल के भी साइकिलिंग के मूवमेंट आपके लिए उतने ही प्रभावी हो सकते हैं।
मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और हाथों की मदद से अपने सिर को ऊपर उठाएं।
घुटने को छाती से लगाएं और फिर पैरों से साइकिल का पैडल चलाने की कोशिश करें।
पहले बाएं पैर से और फिर दाएं पैर से।
12 से 16 बार का एक सेट बनाएं और एक से तीन बार इसे दोहराएं।

वर्टिकल लेग क्रंच – वर्टिकल लेग क्रंच शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ एब्स बनाने में मददगार है।
मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और पैरों को ऊपर उठाएं जिससे शरीर 90 डिग्री के कोण में हो।
हाथों को सिर के पीछे क्रॉस करके सपोर्ट दें।
अब सीने से पैर छूने का प्रयास करें।
इसे 12 से 16 बार अधिकतम तीन सेट्स में करें।

हील क्रंच – हील क्रंच पारंपरिक क्रंच जैसा ही दिखता है लेकिन उससे ज्यादा प्रभावी है।
पीठ के बल लेट जाएं और पैरों को मोड़ लें, याद रहे कि आपके तलवे जमीन से छूने चाहिए।
दोनों हाथों को क्रॉस करके सिर के नीचे लाएं।
शरीर के निचले हिस्से का भाग एड़ियों पर दें और पंजे उठा लें।
शरीर के ऊपरी हिस्से को उठाने की कोशिश करें।
12 से 16 बार करें। एक से तीन सेट्स कर सकते हैं।
प्लैंक एक्सरसाइज – प्लैंक एक्सरसाइज से एब्स बनाने के अलावा मांसपेशियों को भी मजबूत बना सकते हैं। यह कमर के लिए भी अच्छी एक्ससाइज है।
पेट के बल मैट पर लेट जाएं।
माथे को जमीन से छूने दें।
अब शरीर के ऊपरी हिस्से का भाग कोहनी पर देते हुए कोहनी को जमीन से टिकाएं।
पैरों को पंजों पर टिकाएं।
अब अपने पेट व जांघों को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें।
20 से 30 सेकेंड रुकें और सामान्य हो जाएं, इसे दो से तीन बार करें।

खादी में भी है स्टाइल

बदलते मौसम में कपड़ों के लिए फैब्रिक चुनना जरा मुश्किल लगता है पर खादी ऐसा मैटेरियल है जो आप हर मौसम में बिंदास पहन सकते हैं। खास तौर से गर्मियों हर कोई ऐसे कपड़े पहनना चाहता है, जो कंफर्टेबल होने के साथ-साथ स्टाइलिश भी हों। अगर आप भी अपने लिए कंफर्ट और स्टाइल की तलाश कर रही हैं तो खादी से बेहतर विकल्प क्या हो सकता है।
खादी है डिमांड में – फैशन के रोजाना बदलते ट्रेंड में खादी फैब्रिक्स की खासी डिमांड है। इसमें पैच, कांथा, फुलकारी वर्क और ब्लॉक प्रिंटिंग जैसे कई वरायटीज वाले आउटफिट्स इन दिनों ट्रेंड में हैं। प्रिंट्स और डिजाइंस से अलग प्लेन खादी ड्रेस भी यूनीक लुक देती है। इस फैब्रिक से बने नेहरू जैकेट्स यंगस्टर्स के बीच खासे पसंद किए जाते हैं। साड़ी और सलवार-सूट्स से अलग अब शर्ट, पैंट और स्कर्ट्स में भी कई तरह के कट्स और पैर्टंस में आउटफिट्स देखे जा सकते हैं।

मार्डन ड्रेस में भी जंचती है – अलग अंदाज और स्टाइल में नजर आने के लिए स्पेगेटी टॉप को स्कर्ट या लुक पैंट्स के साथ पहना जा सकता है। खादी के क्रॉप टॉप और रैप-अराउंड स्कर्ट का कॉम्बो बेहद आकर्षक लगता है।
खास है खादी की साड़ी – खादी की हाथ से बनी साड़ी को बेहद पसंद किया जाता है। ये विभिन्न रंगों और स्टाइल में मिलती हैं। मॉडर्न लुक के लिए जरदोंजी की कढ़ाई और ब्लॉक प्रिंट वाली साड़ी चुनें। रंगीन प्लेन साड़ी को कढ़ाईदार शर्ट ब्लाउज के साथ भी पहन सकती हैं, जो आपको एकदम नया लुक देगी।

खादी के कुर्ते देते हैं सोबर लुक – गर्मियों के मौसम में सहज महसूस करना चाहती हैं तो खादी के कुर्ते या शॉर्ट ड्रेस पहन सकती हैं। गले पर बढिय़ा कढ़ाई वाली कुर्ती के साथ कुछ आभूषण भी पहन सकती हैं, जिससे आपके लुक में चार-चांद लग जाएंगे। ये भी आजमायें। चटख रंग के स्कार्फ या दुपट्टे को प्लेन ड्रेस के साथ पहन सकती हैं। दुपट्टे को हलके रंग की कुर्ती के ऊपर पहनें, जिससे आप निश्चित रूप से भीड़ से अलग नजर आएंगी। खादी के शॉर्ट पैंट या श्रग भी पहन सकती हैं। शॉर्ट्स पर श्रग आपको बेहद स्मार्ट लुक देगा।

सही हेयर कट आपकी पर्सनैलिटी को दे स्टाइलिश लुक

स्टाइलिश अंदाज – रोज़-रोज़ नया हेयर स्टाइल बनाना शायद मुश्किल लगे पर सही हेयर कट को चुनकर आप अपनी पर्सनैलिटी को डिफरेंट लुक दे सकते हैं। अगर आप वर्किंग हैं तो आपको ऐसा हेयर कट करवाना चाहिए, जिसकी देखभाल आप खुद कर सकें। मसलन अगर लंबे बालों के साथ आप कई लेयर कट रखना चाहती हैं तो आपके लिए हर समय बाल खुले रख पाना संभव नहीं है। ऐसे में आपको फ्रंट कट और स्ट्रेट बाल रखने चाहिए, जिन्हें आप ज़रूरत पडऩे पर बांध भी सकें। चेहरा अगर हार्ट शेप का है तो इस पर फ्रेमिंग लेयर्स हेयर कट खूब फबेगा। ऐसे चेहरे पर फोरहेड और चीक्स काफी ब्रॉड होता है। ऐसे में बालों की कुछ लेयर्स चीक्स पर आएंगी तो चेहरे को छोटा दिखाया जा सकता है। बाल लंबे हैं तो लेयर्ड वेव्स करवाएं, वहीं छोटे बालों के लिए बाउंसी बॉब कट फबेगा। ओवल फेसकट के लिए आप शॉर्ट या लॉन्ग लेंथ दोनों ही रख सकती हैं। वर्किंग हैं तो ब्लंट कट कराने के बजाय लेयर या थ्री लेयर कराएं। बाल अगर हलके हैं तो ब्लंट कट करवाने से बचना चाहिए। राउंड फेस पर थ्री स्टेप कटिंग ही करवाएं। इसकी लेयर्स की लेंथ चिन तक ही करवाएं। फ्रंट से छोटा न करवाएं।
साइड लेयर कट – किसी भी प्रकार के बालों और फेसकट के लिए यह साइड लेयर कट अच्छा लगता है। कर्ली और वेवी बालों पर भी यह स्टाइल जचता है। इसके लिए बालों को वेट ड्रायर से सेट करें। ध्यान रखें, बालों को उसी ओर सेट करें, जो आप पर सूट करता हो। साइड लेयरिंग फेस को यंग लुक देने के साथ ही मॉडर्न भी बनाती है। बालों पर कलर हो तो लेयरिंग स्टाइल काफी स्टाइलिश लुक देगी। बालों की पोनी बनाकर क्लिप से इनको एक अलग अंदाज़ दिया जा सकता है।
शैग कट – बालों को शॉर्ट के साथ हेवी दिखाना चाहते हैं तो शैग हेयर कट करवाएं। इनमें कुछ बाल फोरहेड पर आते हैं, जिससे बालों को वॉल्यूम मिलता है। अगर बाल हलके हों तो इस कट को आज़माकर देखें।

लड़कियों को पसंद आते है दाढ़ी वाले लोग

आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि ज्यादातर लड़कियों को दाड़ी वाले पुरुष ही आकर्षित करते हैं। यह तो सही है कि दाड़ी को रखना अपने आपमें मेहनत का काम है, क्योंकि इसकी देखभाल और साफ-सफाई में बहुत समय देना होता है। अब सोचने वाली बात है कि आलसी कहे जाने वाले पुरुष भी दाड़ी कैसे रख लेते हैं और ऐसा शौक क्यों पालते हैं। दरअसल हाल में हुआ एक रिसर्च के परिणाम बताते हैं कि बड़ी हुई दाढ़ी वाले पुरुष लड़कियों को खूब भाते हैं। रिसर्च बताता है कि अधिकांश लड़कियां जीवनसाथी के तौर पर बड़ी दाढ़ी वाले पुरुषों को ही पसंद करती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि चेहरा रौबदार और सीधे निर्णय लेने की स्थिति वाला प्रतीत होता है। इसलिए सलाह देने वाले तो यहां तक कहते हैं कि यदि आप लड़कियों से अपना संबंध लंबे समय तक रखना चाहते हैं तो दाढ़ी बढ़ा लिजिए, आपकी मुराद पूरी हो जाएगी। यह दावा रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों ने किया है। इसलिए इसमें गंभीरता नजर आती है। वैज्ञानिकों की मानें तो महिलाएं जीवन भर साथ निभाने के लिए ही दाढ़ी वाले पुरुषों को चुनती हैं। क्या आप भी ऐसा ही सोचती हैं, अगर हां तो जानना जरुरी है कि आखिर ये मर्द दाढ़ी क्यों रखते हैं। ऐसा तो नहीं कि रोज-रोज दाढ़ी साफ करने की झंझट से बचने के कारण उन्होंने दाढ़ी बढ़ा ली हो। अतः ऐसा करने वाले पुरुष आपकी सोच पर खरे नहीं उतर सकते हैं। जबकि शोध बताता है कि पुरुषत्व और दाढ़ी के बीच में गहरा संबंध है। इस अध्ययन में बताया गया है कि रिलेशनशिप के लिहाज से देखा जाए तो काफी ज्यादा मैस्क्युलिन और काफी ज्यादा फेमेनाइन दिखने वाले पुरुष कम आकर्षक होते हैं। बताते चलें कि महिलाओं को बड़ी दाढ़ी वाले पुरुष क्लीन सेव पुरुषों की तुलना में ज्यादा स्ट्रॉन्ग लगते हैं। उन्हें दाढ़ी वाले पुरुष मैच्योर लगते हैं। दाढ़ी से किशोरवय और पुरुषों में अंतर पता चल जाता है। कुछ महिलाएं तो यहां तक कहती हैं कि दाढ़ी में पुरुष ज्यादा सेक्सी और हॉट लगते हैं। अब यदि आप दाढ़ी वाले पुरुष में ये सब पाती हैं तो यह शोध को प्रमाणित करने जैसा होगा, वर्ना अपनी-अपनी सोच वाली बात ही चरितार्थ होती है।

बाॅलीवुड में चर्चा है कि सलमान खान पंजाबी फिल्म ‘जट्ट एंड जूलिएट’ का रीमेक बनाने जा रहे हैं। इस फिल्म के रीमेक राइट्स वह पहले ही से ले चुके हैं। इसका निर्देशन सलमान के पसंदीदा कोरियोग्राफर अहमद खान करेंगे। इस फिल्म को नए कलाकारों के साथ बनाया जाएगा। बाॅलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान पंजाबी सुपरहिट फिल्म ‘जट्ट एंड जूलियट’ का रीमेक बना सकते हैं। सलमान कई नए लड़कों को ट्रेनिंग दे रहे हैं और इन्हीं में से किसी एक को लेने की चर्चा है। अपने बाॅडीगार्ड शेरा के बेटे टाइगन को भी लाॅन्च करने की बात सलमान कह चुके हैं। चर्चा है कि सलमान की बहन अर्पिता के पति आयुष शर्मा के लिए यह फिल्म प्लान हो सकती है। लीड हीरोइन के लिए भी नए चेहरे की तलाश जारी है। सलमान फिल्म की कहानी और अन्य विभागों में क्रिएटिव रूप से जुड़े रहेंगे। फिल्म का संगीत वह ही तय करेंगे।

रामचरित्र मानस में तुलसीदास ने लिखा है- बिन जल बादल सूना है, वैसे ही पुरूष बिन नारी का जीवन।
लेकिन आज समय बदल चुका है। संयुक्त परिवारों की परंपरा बीते समय की बाते हैं। नौकरियों ने देश विदेश की सीमाएं खत्म की दी हैं। एक जमाना था औरत घर की चैखट पार नहीं करती थी, पर आज वे नौकरियों की तालाश में वे एक अच्छे कैरियर की चाह लिए घरों से दूर, दूसरे शहरों में अकेले नौकरी करने में भी नहीं हिचकती हैं। यही नहीं, अब वे मनचाहे रिश्तों का बोझ भी नहीं उठाती है और तालाक के बाद अकेले जीवनयापन कर रहीं है।
वैवाहिक संबंधो की असफलता को देख अविवाहित रहने के निर्णय भी लिये जा रहें हैं। यही नही, पति की मृत्यु के बाद औरत अपने जीवन को बड़े व्यवस्थित तरीके से जी कर दिखा रहीं है। कुछ अरसे पहले लंदन में लगभग साढ़े चार हजार स्त्री-पुरूषों पर हुए एक सर्वेक्षण से यह सिद्ध हुआ कि अकेले रहने वाली महिलाएं उतनी ही खुश रहती हैं जितनी कि शादी के बाद परिस्थितियां व संबंध विच्छेद का दुख झेल चुकी महिलाएं वे मानसिक तौर पर कहीं ज्यादा स्वस्थ होती है। यानि स्त्री के जीवन में पुरूष न हो तो भी वे खुश रह सकती है।
सर्वेक्षण में यह तथ्य भी सामने आया कि पुरूषों को रिश्ते मानसिक रूप से ज्यादा बेहतर रख पाते है। एक के बाद दूसरे संबंध जहां पुरूषों के मानसिक स्वस्थ के लिए अच्छे साबित होते हैं, वहीं महिलाएं उनसे टूटती ज्यादा है।
लंदन विश्वविद्यालय के सोधकर्ताओं ने 35 वर्ष से कम उम्र के लोगों से किए गए सवाल-जवाब के आधार पर एपिडिमियोलाॅजी एंड कम्युटि हेल्थ के जर्नल में प्रकाशित अपने अध्ययन मे यह पाया कि पहले संबंधो के टूटने पर नए संबंध बनाने पर पुरूषों की मानसिक स्थिति ज्यादा बेहतर होती है और स्त्रियों की मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है। नेशनल फैमिली एंड पैरैंटिंग इंस्टीयूट के सर्वे से भी इसी बात को समर्थन मिलता है कि शादीशुदा मर्दों की मानसिक स्वास्थ महिलाओं के मुकाबले ज्यादा बेहतर होता है। जबकि महिलाएं इन संबंधो से बाहर निकल कर बेहतर जिंदगी जी सकती हैं, क्योंकि उनमें भावनात्मक संबल ज्यादा होता है। लंदन विश्वविद्यालय का यह अध्ययन अकेले लंदन में रहने वाले स्त्री-पुरूषों की मानसिकता को ही उजागर नहीं करता, बल्कि हर समाज में रहने वाले स्त्री पुरूषों पर लागू होता है।

जर्मन ग्रियर ने ‘द फीमेल यूनेक‘ में करीब सौ साल पहले एक पति-पत्नीके आपसी संवाद का जिक्र किया है, जिसमें पत्नी पति से पूछती है कि तुम क्या मानते हो, मेरा सबसे पवित्र कर्तव्य क्या है..? तो पति ने जवाब दिया, ‘अपने पति और बच्चों के प्रति तुम्हारा कत्र्तव्य‘।
इस पर पत्नी असहमत हुई और बोली, ”मेरा एक और कत्र्तव्य है, उतना ही पवित्र अपने प्रति मेरा कत्र्तव्य“। मैं मानती हूँ कि सबसे पहले मैं मनुष्य हूँ। उतनी ही, जितने कि तुम या हर सूरत में मैं वह बनने की कोशिश तो करूंगी ही। पुरूषों द्वारा धर्म गं्रथों, उनके विचारों से मै संतुष्ट नहीं रह पाउंगी। मुझे चीजों पर खुद सोच विचार करना होगा और उन्हें समझने की कोशिश करनी होगी”

संभवतः सौ साल पहले की स्त्री अपने सुख की तालाश पुरी नहीं कर पाई और अपने गृहस्थ कत्र्तव्य के प्रति अत्यधिक जागरूक थी, लेकिन आज की महिला अपने ‘स्व‘ के स्थान के लिए प्रयास कर रही है।

ऐशली मांटेग ने ‘द‘ नेचुरल सुपीरियाॅरिटि आॅफ विमेन में लिखा है कि स्त्रियां अपनी भावनाओं को वे काम करने देती हैं जिनके लिए वे बनी हैं, इसलिए मानसिक रूप से वे पुरूषों की अपेक्षा अधिक स्वस्थ रहती है।

आज की स्त्री ने अपनी अभिव्यक्तियों को सुखद करने के प्रयास किए हैं। घर की चार दिवारी की कैद या लंबे घूंघटों को उसने छोड़ने के प्रयास तो किए हैं। कहते हैं कि भय, अपर्यापत्ता और दुश्चिंता जैसे भाव व्यक्ति के वे सबसे कमजोर हिस्से हैं। जिनके कारण सुरक्षा की तालाश की जाती है हमारे समाज की अवधारणा अब तक की यही रही है कि स्त्री का जीवन विवाह करके ही सुरक्षित हो सकता है। इस कारण माता- पिता बेटियों को ब्याह कर गंगा नहा लेते हैं।
आर्थिक रूप से सुरक्षित स्त्री जैसे-तैसे बोझ बन चुके संबंधो को ढोने के लिए विवश रहती है। ऐसे में स्त्री जब अपने पैरों पर खड़ी होना सीख चुकी है, तो विवशता वाली बात अब उसके साथ नहीं है। रोज-रोज पति की मार सहने, उसके तानो को चुपचाप सहने के स्थान पर वह अपने बच्चों को अपने साथ लेकर अलग गृहस्थी बसाने के अपने फैसले ले पाती हैं और पहले से बेहतर जिंदगी जी लेती हैं।
यही नहीं, पुरूष के लिए जिस साथ के लिए स्त्री विवाह करती है, जिन सुखों की चाह वह रखती है, विवाह के बाद भी वह सब अधूरे रहते हैं, वह अकेलेपन को दूर करने के लिए वह करती है, किंतु जब उसे यह लगने लगता है कि घर और पति के बावजूद वह अकेली है, तो उसका उन सभी के साथ छूटने लगता है।
शायद कुछ इन्हीं कारणों से विवाह संबंधों में जिस सुरक्षा के कारणों का उल्लेख होता है, भावनात्मक स्तर पर वे मूल्यवान साबित होते हैं जिसके अभाव में दांपत्य संबंधो में खुशियों का पक्ष नदारद होता चला जाता है। इसी कारण मनोचिकित्सक डाॅ. विनोद प्रसाद सिन्हा कहते हैं कि अगर स्त्रियां अपनी स्थिति को प्रभावी रूप से ठीक करना चाहती हैं तो यह साफ जाहिर होता है कि उन्हें विवाह करने से इन्कार नहीं होगा। सभी स्त्रियां प्रेम पाने के लिए विवाह करती हैं। सेक्स से भी महत्त्वपूर्ण प्रेम है, लेकिन जब आज समाज में प्रेम पाने के लिए विवाह करना जरूरी नहीं समझा जाता है तो स्त्री ने भी अपनी सुविधानुसार सोचना शुरू कर दिया है। यहीं नहीं पुरूषों की ज्यादतियों को भी उसने चुपचाप सहना बंद कर दिया है।
डाॅ. सिन्हा का मनोविश्लेषण सही है, क्योंकि आज शादी के किए बगैर महिलाएं बच्चे गोद ले रहीं है। स्वाभिमानी बन सिंगल पैरेंट बनकर वे अपने बच्चों की परवरिश कर रहीं है। भारत की ही सुप्रसिद्ध अभिनेत्री सुसमिता सेन एक लड़की को गोद लेकर उसका लालन-पालन कर रही है। स्त्रियों के लिए विशेष पब, बियर बार, डिस्को की बढ़ती संख्या यह सूचित करती है कि वह अब पति के इंतजार में बैठना पसंद नहीं करती बल्कि अपने हिसाब से अपनी खुशी ढूंढ लेती है।

पुरुषों को अट्रैक्ट करना महिलाओं के लिए कोई बड़ी बात नहीं होती। ऐसी बहुत सारी चीजें होती हैं जिनसे महिलाएं आसानी से पुरुषों को अपना दीवाना बना सकती हैं। अगर आप भी किसी के साथ रिलेशनशिप की शुरुआत करने के बहाने ढूंढ रही हैं, तो इन टिप्स को अपनाएं। पुरुष खुद-ब-खुद आपसे बातचीत की शुरुआत करेंगे।
सादगी पसंद महिलाएं
पुरुष भले ही महिलाओं के आंखों के काजल से लेकर होंठों की लिपस्टिक तक और वैक्सड हेयर से लेकर नेल पेंट लगाए हुए नेल्स को नोटिस करते हों लेकिन असलियत में उन्हें सादगी पसंद महिलाएं ही भाती हैं।
फ्लर्ट नेचर
महिलाएं फ्लर्ट करना कम ही पसंद करती हैं ये जिम्मेदारी पुरुषों की होती है लेकिन अगर आप किसी पुरुष के साथ रिलेशनशिप की शुरुआत करना चाहती हैं तो थोड़ा-सा फ्लर्टी बनना पड़ेगा। महिलाओं की फ्लर्टी नेचर उन्हें बहुत पसंद आता है इससे वो आसानी से आपकी ओर अट्रैक्ट हो जाएंगे। बालों में हाथ फेरना, खुद के लिप्स बाइट करना और आईब्रो मूवमेंट फ्लर्ट और अट्रैक्ट करने के कुछ ईजी एक्सरसाइज होती है।
स्टाइलिश होना
महिलाओं के वेल मेंटेन ड्रेस में उनकी थोड़ी-सी बाॅडी दिखती रहे पुरुषों को बहुत अच्छा लगता है। जीन्स और टाॅप के बीच की फाइन लाइन, ब्राॅंड नेक टाॅप, स्कर्ट्स वाली महिलाएं हमेशा से ही पुरुषों का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब रही हैं।
अच्छी आवाज
महिलाएं पुरुषों को अपनी आवाज से भी अपना दीवाना बना सकती हैं। बहुत तेज और कर्कश आवाज वाली महिलाओं को वो दोस्ती तक ही झेल सकते हैं। उनके साथ रिलेशनशिप में पड़ने से वो कतराते हैं।
मदद मांगना
महिलाएं पुरुषों को अपनी ओर अट्रैक्ट करने के लिए उनकी हेल्प ले सकती हैं। ये हेल्प एक पेन मांगने से लेकर लिफ्ट मांगने तक कुछ भी हो सकती है। दरअसल पुरुषों को हीमैन बनना बहुत अच्छा लगता है। खासतौर से महिलाओं के सामने। अगर आप किसी पुरुष को अट्रैक्ट करना चाहती हैं तो बिना किसी संकोच के उनसे हेल्प मांगें।
फीलिंग्स समझना
पुरुषों को अपना दीवाना बनाने के लिए एक जरूरी कदम उनकी फिलिंग्स को समझना भी है। संकोची स्वभाव होने के कारण पुरुष बहुत सी बातों को जाहिर नहीं कर पाते। उनकी बाॅडी लैंग्वेज, आंखों के इशारे आपसे बहुत कुछ कहना चाहते हैं, जिसे खामोशी से समझने की जरूरत है।

जब आप किसी से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं तो उसे जताना भी उतना ही जरूरी होता है। ज्यादातर पुरुष महिलाओं की इजहार-ए-मुहब्बत के इशारों को समझे इसलिए उनसे अपने दिल की बात कहने के लिए महिलाएं ये आसान तरीके अपना सकती हैं।

आई काॅन्टेक्ट
जब आप दोनों साथ हों तो एक-दूसरे से आंखे चुराने के बजाय, एक-दूसरे के आंखों में आंखें डालकर बात करें। इससे सामने वाले को लगता है कि आप उनकी बातों पर गौर कर रहे हैं साथ ही उन्हें आपकी तरफ से आने वाले इशारे का अहसास होता है।
काॅल करके बात
उन्हें काॅल करके बात करें, लेकिन हर वक्त उन्हें अपनी काॅल से परेशान न करें। कई बार पुरुष किसी मीटिंग या पार्टी में बिजी होते हैं और उस दौरान आपका फोन करना उनकी झुंझलाहट को बढ़ा सकता है। अगर आप दोनों डेट पर गए हों तो लौटने के बाद एक थैंक्यू काॅल जरूरी करके बताएं कि आपने एक बहुत ही अच्छा वक्त उनके साथ गुजारा।
प्यार भरा स्पर्श
पार्टनर का टच टेंशन से लेकर किसी बात को लेकर हो रही इरीटेशन तक को दूर कर देता है। इसलिए चाहे शाॅपिंग हो, मूवी हो या बात, इन सबके दौरान उन्हें बीच में प्यार से टच कर सकती हैं। कंधे पर हाथ रखना, हाथों को पकड़कर बात करना, गले लगना, ये सारी चीजें उन्हें आपके करीब लाने में मदद करेगी।
हर समय अवेलेबल होना
उन्हें जताएं कि आपको उनकी जरूरत है लेकिन हर वक्त उनके लिए अपनी अवेलेबिलिटी को जाहिर न करें। कई बार पुरुष आपकी इस फीलिंग को नहीं समझते और तवज्जो नहीं देते। जो आपको हर्ट कर सकती है।
मौजूदगी का अहसास कराना
कभी अपनी लिपस्टिक तो कभी अपना काॅम्ब। अपनी कोई न कोई चीजें उनके फ्लैट में बेफिक्र होकर छोड़ दें। उन्हें फील कराएं जैसे वो आपका घर हो। ऐसा करने से उन्हें अपनेपन का अहसास होगा साथ ही वो आपकी ओर से मिल रहे इनडाॅयरेक्टली इशारों को डायरेक्टली समझेंगे।
राय-मशविरा लेना
जब किसी परेशानी या उलझन में हो तो सजेशन मांगें। ऐसा करने से उन्हें बहुत अच्छा लगेगा और वो आपके फीलिंग की कद्र भी करेंगे।
ईमानदारी है जरूरी
आप जिसे पसंद करी हैं उन्हें ये यकीन दिलाना बहुत जरूरी है कि आप सिर्फ उनके साथ हैं उनकी कंपनी एन्जाॅय करती हैं और उनके साथ अपना फ्यूचर देख रही हैं। पुरुषों को हमेशा ही ईमानदार और प्यार करने वाले पार्टनर की तलाश होती है और ये भरोसा उन्हें जिस पर कायम होता दिखता है वो उसी को अपना फ्यूचर पार्टनर बनाना चाहते हैं।
उनकी चीजों को स्वीकार करना
उनके साथ अगर अपनी लाइफ को बिताने का सपना देख रही हैं तो जरूरी है कि उनके हर सुख-दुःख का साथी बनें। उनकी अच्छी आदतें सीखें तो बुरी आदतों पर टोकें। पुरुष हो या महिला दोनों शादी के बाद भी अपने फ्रेंड के साथ मौज-मस्ती को एन्जाॅय करना चाहते हैं तो आप पहल करें। उनके दोस्तों के साथ घुले-मिलें। इससे उन्हें भी अच्छा लगेगा।

महिलाओं को इम्प्रेस करने के लिए कुछ खास रूल्स नहीं होते, बस कुछ ऐसी बातों का ख्याल रखना होता है, जिससे उन्हें किसी बात को बुरा भी न लगे और आपका काम भी हो जाए। बहुत से ऐसे पुरुष हैं, जिनसे न तो कोई महिला फ्रैंडशिप करना चाहती हैं और न ही रिलेशनशिप रखना चाहती हैं। आखिर क्या वजहें हो सकती हैं।

बात करने में शर्म

आप कभी महिलाओं के बीच नहीं रहे इसलिए शायद आपको उनके साथ बात करने का तौर-तरीका नहीं पता। उनसे बात करते समय क्या बोला है और क्या नहीं, इन सबसे आप अंजान हैं। तो इसे एक वजह माना जा सकता है जिससे महिलाएं आपसे दूर रहती हैं।

बात का गलत मतलब निकालना

आप महिलाओ द्वारा की जाने वाली बातों और इशारों का तुरंत कोई गलत मतलब निकाल लेते हैं। जब वे आपसे हंसकर बातें करती है। बातों-बातों में आपको फ्रेंड्स वाला टच करती हैं तो इसका मतलब ये कतई नहीं कि वो आपसे इंटरस्टेड हैं। अगर ऐसी किसी बात की भनक महिलाओं को लग जाती है तो वो आपके साथ डेट पर तो क्या, मिलने से भी कतराती हैं।

बेवक्त काॅल और मैसेज न करें

आपको इस बात की जानकारी नहीं कि कब, कौन-सी बात करनी हैे और आप लगातार बेवक्त के काॅल और मैसेज किए जा रहे हैं तो इससे साफ जाहिर है कि उनका गुस्सा बढ़ेगा और वे आपसे बात नहीं करना चाहेंगी। तो महिला की आउटिंग पर पूछने से पहले उसे कोई ऐसा मौका न दें जिससे आपके लिए परेशानी का सबब बने।

रिलेशनशिप बनाना सिर्फ जरूरत के लिए
आपकी बातें औप आपकी आदतों से जरा सा भी अंदाजा लग गया कि आपको गलफ्रंेड की जरूरत बस दोस्तो के सामने अपनी इमेज बनाने और टशन मारने से है तो महिलाएं कभी भी ऐसे किसी पुरुष के साथ रिलेशनशिप में पड़ने से बचती हैं।

अजीबो-गरीब लुक अपनाना

आपने अजीबो-गरीब लुक अपनाया हुआ है, बिना शेव और आयरन किए हुए कपड़े पहनकर कहीं भी निकल जाते हैं सिगरेट-पान खाकर कही भी स्पिट कर देते हैं तो याद रखिए महिलाओं को ये सारी आदतें बिल्कुल नहीं भाती। ये उम्मीद जरूर करती है कि उनके फ्रेंड्स में ये सारी आदतें न हों, उन्हें ड्रेसिंग पहनने का स्टाइल हो।

छूने की आदत

बात-बात में महिलाओं को छूने की आदत आपका फ्रेंडली नेचर नहीं बल्कि आपकी नर्वसनेस को बयां करती है और कई बार तो किसी गलत मकसद को भी। महिला चाहे आपकी मित्र हो या कलीग हो बातों के दौरान बहुत फ्रेंडली होने की कोशिश न करें।

काॅम्फिडेंट न होना

पुरुषों में काॅन्फिडेंट होना बहुत ही जरूरी है। बातों के दौरान आंखें मिलाकर बात न करना, बार-बार पानी पीना, चेहरे को छुपाने की कोशिश करना। ये सारी चीजें आपके लो काॅन्फिडेंट को बयां करती हैं और ऐसे पुरुषों के साथ महिलाएं किसी तरह का कोई रिलेशनशिप रखना पसंद नहीं करतीं, फिर चाहे वो प्यार हो या शादी।

गलत लैंग्वेज का इस्तेमाल

बातों के दौरान गाली देना, जिससे सामने वाला शर्मिंदा हो जाए। सड़कों पर चलने के दौरान हो या कहीं रेस्टोरंेट में बैठकर आराम से खाने के दौरान। इस बात की ओर बिल्कुल भी ध्यान न देना कि आपके साथ कोई महिला है।