विक्रम भट्ट की फिल्म ‘लव गेम्स’ के ट्रेलर से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह फिल्म हद से ज्यादा बोल्ड होने वाली है। इसमें ‘लव गेम्स’ में रमोना पत्रलेखा बन अपने पार्टनर पर दूसरे कपल्स के साथ लव गेम खेलने के लिए दबाव डालती है जिससे किसिंग सीन की भरमार होती है। माॅडल से एक्टर बने गौरव अरोड़ा इस फिल्म से बाॅलीवुड में डेब्यू कर रहे हैं। फिल्म में तारा अलिशा बेरी का भी अहम किरदार है। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म में बोल्ड सीन की भरमार होने की वजह से 18 कट लगाने को कहा है। इस बारे में भट्ट ब्रदर्स का कहना है कि वह फिल्म में किसी भी प्रकार की कट नहीं चाहते हैं। उन्होंने ‘ए’ सर्टिफिकेट की मांग की है। महेश भट्ट की प्रोड्क्शन की यह फिल्म 8 अप्रैल को रिलीज होगी।

फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक मनोज कुमार को हिंदी सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए वर्ष 2015 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है। फिल्मों में उनके अहम योगदान को देखते हुए जूरी मैंबर्स लता मंगेशकर, आशा भौंसले, सलीम खान, नितिन मुकेश और अनूप जलोटा ने 47वें दादा साहेब अवार्ड के लिए मनोज कुमार का नाम सुझाया है। इसके बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने उनसे बात की और अवाॅर्ड के लिए बधाई दी। भारत सरकार के इस फैसले पर मनोज कुमार (78) का कहना है कि यह सुखद अनुभव हैरान कर देने वाला है। भारतीय सिनेमा के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए सरकार द्वारा दिए जाने वाले इस पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण कमल, 10 लाख रुपये नकद और एक शाॅल प्रदान किया जाता है। उन्होंने ‘उपकार’ ‘हरियाली और रास्ता’, ‘वो कौन थी’, ‘हिमालय की गोद में’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ और ‘क्रांति’ जैसी फिल्मों से अपने अभिनय की छाप छोड़ी। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और पद्मश्री से सम्मानित मनोज कुमार ने ‘रोटी कपड़ा और मकान’ सहित पांच से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया है। मनोज कुमार बड़े पर्दे पर आखिरी बार 1995 की फिल्म ‘मैदान-ए-जंग’ में दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा कि अब वह फिल्म उद्योग में और अधिक सक्रिय होने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हां, मैं सुर्खियों से गायब था और वह मेरी ही गलती है। मैं एक फिल्म बनाना और जल्द ही सक्रिय होना चाहता हूं।’’