चेहरे की खूबसूरती के साथ होठों की खूबसूरती भी जरूरी है। इसलिए हम बताएंगे आपको कुछ बेहतरीन उपाय।

  1. होठों पर ग्लिसरिन, मलाई, घी इत्यादि लगाते रहें। ताकि आपके होठ रूखे न हों।
  2. सर्दियों में तो खासकर होठों को रूखा न रखें, उन्हें चबाएं या काटे नहीं क्योंकि आपके होठों से खून भी आ सकता है।
  3. रात को सोते समय नाभि में घी या तेल लगा सकते हैं इससे होठ फटेंगे नहीं और काले भी नहीं पड़ेंगे।
  4. सस्ती व घटिया किस्म की लिप्सटिक न लगाएं, इससे होठों का रंग काला पड़ सकता है।
  5. होठों को गुलाबी बनाने के लिए लौंग का तेल, सरसों तथा जैतून का तेल होठों को चमकदार बनाने के लिए बहुत ही लाभकारी है। इनमें से किसी भी तेल को होठों पर लगाएं और रात भर छोड़ दें।

हमारी आंखे हमारे चेहरे का अहम हिस्सा होती है। यदि आप किसी के बारे में अच्छा या बुरा जो भी सोचती हैं उन्हें ये बयां कर देती है। ज्यादातर सभी को बड़ी बड़ी आंखे पसंद होती हैं। कुछ लड़कियों की आंखे इतनी खूबसूरत और आकर्षित होती है कि इनमें काजल मश्कारा लगा दें तो इनकी खूबसूरती में चार चांद लग जाता है। तो चलिए बनाते हैं ऐसे ही आपकी खूबसूरत आंखों को और भी आकर्षित।
आई शैडो
आंखों के मेकअप में आई शैडो बेहद अहम भूमिका निभाता है। आपको हमेशा ऐसा आई शैडो का चयन करना चाहिए जो आपके रंग से मेल खाता हो। साधारण स्किन वाली महिलाएं पहले हल्के रंग के आई शैडो लगाएं।
मश्कारा
आंखों के अच्छे मेकअप के लिए पलकों पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है, आंखों के मेकअप में मश्कारा का उपयोग करने से पलकों की खूबसूरती बढ़ जाती है।
आई लाइनर
आई लाइनर और काजल का आंखों के मेकअप में काफी अहम रोल है। इसे लगाते समय थोड़ी सावधानी जरूर बरतनी पड़ती है। अपनी आंखों को एक बेहतरीन सा लुक देने के लिए आप आई लाइनर को थोड़ा चैाड़ा करके लगाएं। साथ में बाॅटम में भी हल्का लाइनर लगाना न भूलें। इसे आंखों की खूबसूरती और बढ़ जाएगी।

अपनी शारीरिक खूबसूरती के साथ यदि बाल भी खूबसूरत हो तो लगता है कि अब हम पूरी तरह से परफेक्ट है। बालों को मजबूत बनाने का सबसे अच्छा प्राकृतिक उपाय है बालों में तेल से मसाज।
मसाज का प्रयोग
बालों में मसाज करने से पहले तेल को गरम कर लीजिए, उसके बाद बालों मेकं मालिश कीजिए, इससे आपके बाल मजबूत और घने होंगे और बालों का झड़ना भी बंद हो जाएगा। मालिश के लिए सरसों और नारियल का तेल अधिक उत्तम होगा। सरसों के तेल को हल्का गुनगुना करके नहाने के आधे घंटे पहले लगा लीजिए। ऐसा सप्ताह में एक बार जरूर कीजिए।
अंडे का प्रयोग
बालों को घना और मजबूत बनाने के लिए अंडे का उपयोग भी बहुत ही फायदेमंद है। अंडे में प्रचूर मात्रा में प्रोटीन, सेलेनियम, फास्फोरस, जिंक, आइरन, सल्फर और आयोडीन पाया जाता है। ये सभी बालों को झड़ने से बचाते हैं और बालो की लटों को मोटा बनाते है। अंडे में आप थोड़ा सा जैतून का तेल मिला कर अंडे की सफेदी व शहद को आपस में अच्छे से मिला लें। अब इसे समान रूप से पूरे सिर पर लगाएं और एक घंटे के लिए छोड़ दें। फिर बाद में इसे ठंडे पानी व शैंपू से धो लें।
आंवले का प्रयोग
बालों को मजबूत और घना बनाने के लिए आंवले का प्रयोग बहुत फायदेमंद होता है। आंवला खाया जा सकता है और बालों में भी लगाया जा सकता है, दोनों ही प्रकार से बालों को मजबूती मिलती है। आंवला को लगाने से बाल चमकदार और मजबूत होते है। यदि आपके बाल काले नहीं हैं तो आंवला और रीठा लगाएं बाल काले हो जाएंगे।

आंखें दिल का आइना होती हैं क्योंकि वह दिल की सारी बातें एक नजर में बयां कर देती हैं। एक सुंदर आंख ना केवल खूबसूरती को दर्शाती हैं बल्कि स्वास्थ्य को भी प्रकट करती हैं इसलिए आपको अपनी आंखों के प्रति सचेत रहना चाहिए।

नींद पूरी लें

नींद को हम अनदेखा नहीं कर सकते। आपकी आंखों की फ्रेशनेस केवल आपकी नींद की क्वालिटी पर डिपेंड है। लेट नाइट पार्टी या मूवी आपकी नींद को खराब कर सकते हैं, इसलिये जरूरी है कि आप यह कार्य वीकेंड पर छोड़ दें।

तनाव ना लें

आंखे हमारे दिल की खिड़की होती हैं। हमारे दिल में जो कुछ भी होता है वह आंखें बयां कर देती हैं अगर आप किसी गंभीर तनाव में हैं तो आंखों से सब कुछ पता चल जाता है। आंखें थकी-थकी महसूस होने लगती है।

अंडर आइ क्रीम

कई लोग सोचते हैं कि अंडर आइ क्रीम केवल डार्क सर्कल को दूर करने के लिये प्रयोग किया जाता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि आंखें के नीचे की स्किन हमारे गालों की स्किन के मुकाबले बहुत पतली होती है इसलिए इस पर हर रोज क्रीम लगाएं।

आइ पैक

हम अक्सर फेस पैक को आंखें पर नहीं लगाते क्योंकि इससे जलन महसूस होने लगती है लेकिन आंखों को रिलैक्स करने के लिये आप इन पर स्ट्राॅबेरी या खीरे का स्लाइस लगा सकती हैं।

खूब पानी पिएं

अगर आपके अंदर पानी की कमी है तो जाहिर सी बात है कि आप सुंदर नहीं लग सकती। इससे आपकी स्किन रूखी और गहरे रंग की लगेगी, इसलिये दिन भर में खूब सारा पानी पीजिए।

चश्मा लगाने वालों के लिये

जो लोग चश्मा लगाते हैं, असलियत में उनकी आंखें पूरी तरह से खुलती ही नहीं हैं इसलिये उन्हें ऐसा फ्रेम चुनना चाहिये जो कि उनकी पूरी आइ लैश को ना ढके। साथ ही उन्हें चश्मे से बाहर निकल कर लैंस बनवा लेना चाहिए।
नेत्र पैक

लोगों ने त्वचा को सुंदर और चमकदार बनाने के लिए फेस पैक के बारे में सुना होगा लेकिन अपनी आखों को शांत और अच्छी हालत में रखने के लिए अच्छे आई पैक को लगाना चाहिये। आंखों पर खीरे का टुकड़ा लगाने से आंखों की खूबसूरती बढ़ती है।

गहरी नींद

रात भर पर्याप्त समय के लिए सोना आपकी आंखों को राहत प्रदान करेगा। अपनी आंखों को रात के दौरान लंबे समय तक कंप्यूटर या टीवी स्क्रीन के सामने तनाव न दें।
विटामिन ए

विटामिन ए आपकी आंखों के लिए बहुत लाभकारी है। अगर आपके पास विटामिन ए युक्त सब्जियां नहीं हैं, तो आपको कृत्रिम आपूर्ति या टैबलेट में लेने की जरूरत है। पीले फल, गाजर के साथ ही सब्जियां इस संबंध में आदर्श होंगी।

कहते है। कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। यदि आपका स्वस्थ्य अच्छा है तो आपका मन भी अच्छा होगा और फिर आपको बाहरी तौर पर मेकअप करने की भी आवश्यकता नही पड़ेगी। आइए जाने कैसे रखें सर्दियों में स्वस्थ व निरोगी काया?
सौंदर्य-आकषर्ण बढ़ाने के लिए नवयुवतियां तरह तरह के उपाय करती है। नवयुवतियां क्रीम व लोशन का प्रयोग करती है। मगर प्रायः स्वास्थ्य पर ध्यान नही दे पाती। महंगे-महंगे शैम्पू प्रयोग करती है ताकि बालों को खूबसूरत बनाया जा सके। सौंदर्य आकर्षण बढ़ाने के लिए अपने स्वस्थ पर ध्यान देना आवश्यक होता है।
नवयुवतियों के स्वस्थ व निरोग रहने के लिए सदी के दिनो को सबसे अच्छा माना जाता है। वातावरण शीतल होता है। देह की उष्णता कम होती है। इस उष्णता की कमी पूरा करने के लिए खजूर, सूखे मेवे, दूध, मक्खन, घी का सेवन किया जाता हैै। चूंकि इन दिनों पाचन क्षमता मजबूत होती है, अतः अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा पौष्टिक आहार लिया जा सकता हैं।
नवयुवतियों को नेत्रों की चमक, स्निग्ध और कोमल त्वचा, सुंदर होंठ, घने व काले बालो के आकर्षण के लिए रोजाना पौष्टिक व संतुलित आहार लेना चाहिए। बालो की सुंदरता के लिए आहार में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को अधिक लेना चाहिए। अंडा, चिकन, दालें लेने से बालों को भरपूर पोषण प्राप्त होता है। बालों के स्वस्थ व सौंदर्य के लिए नारियल भी बहुत गुणकारी माना जाता है। नारियल खाना बालों के लिए बेहद लाभकारी होता है। बालों में तीव्रता से वृद्धि होती है तथा घनें व लंबे होते है। बालों की शक्ति बनाए रखने के लिए मछली खा सकते है।
नवयुवतियां स्वस्थ व निरोग रहकर नेत्रों को स्वस्थ रख सकती है। नेत्र ज्योति भी ज्यादा उम्र तक बनी रह सकती है। नेत्रों को स्वच्छ रखकर नेत्र ज्योति तीव्र बनाई जा सकती है। भोजन में पौष्टिक तत्वों को शामिल करना चाहिए। भोजन के साथ रोजाना सलाद खाने से नेत्रों को खूब ताकत प्राप्त होती है। भोजन के साथ सेब, हरे पत्ते वाले शाक ज्यादा लेने चाहिए। मांस, मछली व अंडे का सेवन नेत्रों को सुंदर तथा चमकदार बनाए रखने के लिए हितकारी होता है। विटामिन-बी भी नेत्रों के लिए काफी जरूरी है। नेत्रो को रोगो से सुरक्षित तथा क्रियाशील रखने के लिए विटामिन-बी हितकारी होता है। हरी सब्जियां, सोयाबीन, दालों में विटामिन-बी ज्यादा मात्रा में होता है। गुड़, शक्कर, अखरोट व बादाम में भी विटामिन-बी अच्छी मात्रा में होता है। इनका सेवन नेत्रों के लिए बहुत लाभकारी होता है।
फलों का रस सेवन करना होठों को गुलाब की तरह सुन्दरता प्रदान करता है। फलों के रस के विकल्प के तौर पर टमाटर, गाजर का सेवन किया जा सकता है। होठों को सुन्दर बनाने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा मे जल पीएं।
नवयुवतियों में श्वेत प्रदर, रक्ताल्पता, मोटापा होने से स्वास्थ्य व सुंदरता की बहुत अधिक हानि होती है। श्वेत प्रदर रोग में नवयुवतियों शारीरिक रूप से बहुत दुर्बल हो जाती है।शरीर की सुंदरता नष्ट हो जाती है। पाचन क्रिया क्षीण हो जाती है तो भोजन शीघ्र नही पचता पिण्डलियों में दर्द होता है।
़योग्य चिकित्सक से श्वेत प्रदर रोग की चिकित्सा करानी चाहिए। औषधि सेवन से पूर्व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें श्वेतप्रदर रोग में चावल के जल से काफी लाभ होती है। चावल को जल में डालकर रखें और 3-4 घंटे पश्चात् छानकर सेवन करने से काफी इसका प्रकोप दूर होती है। श्वेत प्रदर को स्त्रियों का शरीरिक सौंदर्य नष्ट करने वाला माना जाता है।
पौष्टिक और संतुलित आहार में जब आलस्य किया जाता है¬¬¬¬ अर्थात् नवयुवतियों में जब पौष्टिक व संतुलित आहार का अभाव होता है। तो रक्ताल्पता होती है। पौष्टिक आहार का अभाव शरीर में लौह तत्व यानी आयरन की कमी उत्पन्न करता है। लौह तत्व की कमी शरीर की रक्त में लाल कणिकाओं की कमी उत्पन्न करती है। इस प्रकार नवयुवतियां रक्ताल्पता से पीडि़त होती है। रक्त की कमी त्वचा की लालियां नष्ट कर देती है और उसकी सुंदरता नष्ट हो जाती है।
फल सब्जियों के सेवन से लौह तत्व मिलने से शरीर में रक्त की वृ़िद्ध होती है और रक्ताल्पता से मुक्ति मिलती है। टमाटर खाने से शरीर को लौह तत्व बहुत मात्रा में मिलता है। शरीर में ताकत विकसित होती है। गाल भी गुलाबी हो जाते है।
मानसिक तनाव भी सुंदरता को कुप्रभावित करता है।किसी भी युवक युवती को आर्थिक समस्याओं के कारण मानसिक कष्ट ज्यादा होता है। क्रेडिट कार्ड से ज्यादा पैसा निकालने के पश्चात् आर्थिक समस्याएं शुरू हो जाती है। पैसा लौटाने की चिंता युवक-युवती को मानसिक तनाव से पीडि़त करती है। ऐसे मेें क्रेडिट काउंसलिग लेने से तनाव की स्थिति कम हो जाती है।
युवक- युवतियों को किसी काम में व्यस्त रह कर समय व्यवतीत करना चाहिए।
मानसिक तनाव को दूर करने के लिए शारीरिक श्रम करने से बहुत लाभ होता है। घर में लगे गमलों की साफ-सफाई करने में तनाव को भूला जा सकता है।
घर में छोटी बच्ची है तो माता-पिता उसके विवाह की बात सोचकर चिंतित होने लगते है। चिंतित होकर मानसिक तनाव को न बढ़ाएं बल्कि उसके साथ खेल कर मनोरंजन कर सकते है।
स्वास्थ्य के संतुलित न होने पर सौंदर्य आकर्षणपर बहुत बुरे प्रभाव पड़ते है सौंदर्य आकर्षण के लिए शरीर का निरोग होना जरूरी होता है। अस्वस्थ नवयुवती सौंदर्य प्रसाधन से बाहरी सुंदरता को अल्प काल के लिए अकर्षक बना दें। परंतु इससे स्थायी सुंदरता को कभी भी विकसित नही किया जा सकता। स्वास्थ्य संतुलित होता है तो सौंदर्य आकर्षण भी बना रहता है। शारीरिक सौंदर्य आकर्षण को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए नवयुवतियों को पौष्टिक आहार ग्रहण करना चाहिए।

सौंदर्य की देख-रेख में आपके संतुलित भोजन से लेकर शारीरिक व्यायाम, शरीर को आराम देना अर्थात् ’रिलेक्शन’ तथा भरपूर नींद आदि सभी कुछ आता है। इसके साथ ही महत्वपूर्ण है, विभिन्न अंगो का मसाज। पुरातन काल में बड़े-बड़े राजा-रजवाडा़ें के यहां रानियां अपने शरीर की नियमित मसाज करवाती थीं। खूश्बूदार तेल व विभिन्न जड़ी-बूटियों के सत् से की जाने वाली मालिश ही उनके सुकोमल व स्निग्ध सौंदर्य का मुख्य कारण थीं। सधे हुए हाथों से की जाने वाली यह मालिश त्वचा के भीतर रक्त-संचार बढ़ा कर उस स्थान की मांसपेशियां को नवजीवन प्रदान करती है और इसी से उस अंग की त्वचा एक अनोखी कांति से दमकने लगती है। नियमित किए जाने पर मालिश का प्रभाव और भी बढ़ जाता है। जहां तक रिलेक्शन का सवाल है, रक्त-संचार बढ़ने व मांसपेशियो का ढीला होने से शरीर के उस अंग को आराम भी मिलता है।
’मसाज’ शब्द की उत्पत्ति मूलतः ग्रीक शब्द ’मासा’ अर्थात् मलने से हुई है। हमारे किसी अंग के शिथिल होने पर या फिर किसी स्थान पर दर्द महसूस होने पर उस स्थान को विभिन्न दिशाओं मे मलना और उस अंग को आराम पहुचाना ही मालिश या मसाज कहलाता है। मसाज हमारी त्वचा की एक प्रकार से टोनिंग करती है। रक्तसंचार बढ़ाने के साथ-साथ यह त्वचा के भीतर उपस्थित विभिन्न बेकार के पदार्थों को ’लिम्फ सिस्टम’ की मदद से शरीर के बाहर भी निकालती है। शुष्क त्वचा पर की जाने वाली मालिश त्वचा के भीतर उपस्थ्ति ’सिबेशियम ग्रंथियों’ (तेल उत्पादक) की सक्रीयता बढ़ाकर त्वचा को चिकना और कोमल बनाती है।
यह सच है कि मालिश आपकी मांसपेशियों की कार्य क्षमता को ही नही बढ़ाती बल्कि त्वचा के साथ साथ इनकी भी टोनिंग करती है। उदाहरण के तौर पर यदि आप तनाव से ग्रस्त है तो आपने अक्सर देखा होगा कि आपकी मांसपेशियों का कसाव बढ़ जाता है जो कि एक प्रकार के दर्द को जन्म देता है। खास तौर पर कंधे व गर्दन के आसपास की नसें व मासपेशियां तनी हुई सी महसूस होती है और दर्द भी पहले से कम हो जाती है। अब आप खुद सोचिए कि अगर पूरे शरीर की कुशल हाथो द्वारा मालिश की जाए तो उसके बाद मिलने वाले मानसिक और शारीरिक सुख का एहसास कैसा होगा। यूं तो यह सर्विस कोई और करे तो उससे बेहतर कुछ नहीं, पर आजकल की व्यस्त जीवनचर्या में दूसरों से अपेक्षा रखने के स्थान पर अगर आप खुद अपने शरीर के विभिन्न अंगो की मालिश करना सीख लें, तो बेहतर होगा।
अपने शरीर की मालिश करना एक कठिन काम है। फिर भी जहां तक हो सके आप नहाते समय अपने बाथरूम मे ही इसकी आदत डाल लें। बाजार में इसके लिए विशेष दस्ताने मिलते है, जिनमें रबर के दस्तानों पर छाटे-छोटे नोड्यूल्स के कारण यह उस स्थान की त्वचा के रोमकूपों के अवशोषण अर्थात् सोखने की क्षमता को बढ़ा देते है, जिसके कारण नहाने के बाद इन अंगों पर मली हुई क्रीम आदि त्वचा के भीतर भलीभांति जज्ब हो जाती है और त्वचा चिकनी होकर चमकने लगती है। मगर इन दस्तानों का प्रयोग स्तनों पर व पेट की त्वचा के लिए उपयुक्त नही होता। यहां की त्वचा कोमल होने के कारण इन नोड्यूल्स की वजह से बहुत लाल हो जाएगी जिससे नुकसान भी पहुच सकता है। इन दस्तानों से मालिश करते समय हमेशा ध्यान रखिए कि आपकी मालिश की दिशा शरीर के ऊपर की तरफ हो, ताकि उसमे ढीलापन न आ सके।
दस्तानों की जगह पर आप अपनी उंगलियों की मदद से मालिश का काम बखूबी कर सकती है। नहाने के बाद पहले आराम से बैठ जाइए। अब पीठ के बल जमीन पर लेट कर पैरो को पूरी लंबाई से तान लिजिए। अब दोनो पैरो को सीधे सिर के ऊपर की तरफ तान कर खिचिए। थोड़ी देर बाद उन्हें फिर सामान्य स्थिति में नीचे ले आइये। फिर पहले वाली क्रिया को दोहराइये इस प्रकार इन दोनों क्रियाओं को क्रम से कई बार कीजिए। अब शरीर को थोड़ा सा रिलैक्स कीजिए और थोड़ा ढीला छोड़ दीजिए। यह क्रिया कुछ कुछ चुटकी काटने जैसी होगी। इस क्रिया को जांघो व कूल्हो पर सब तरफ दो-दो बार कीजिए। अब इस क्रिया को आप ऊपर की तरफ कमर और बाहों के ऊपरी सिरे पर भी इस्तेमाल करें। इस क्रिया को अगर आप रोज नहाने के बाद न कर सकें तो कम-से-कम हफ्ते में तीन बार जरूर कीजिए। इससे भी रक्त संचार बढ़ता है और मालिश जैसी ही प्रभाव पड़ता है।
अब पूरी तरह नहाने के बाद बदन को तौलिए से पोंछने के दौरान भी तौलिए के दोनो छोरो को हाथ से पकड़ कर शरीर के पीछे ले जाकर दाए व बाए घुमाते हुए अपनी पीठ, कूल्हों, कमर व बाहों के पिछले भाग को रगड़कर पोछिए। यह भी एक तरह से उन अंगों के रक्तसंचार को बढ़ाने की ही प्रक्रीया है। अब पूरे शरीर पर कोई अच्छी क्रीम या फिर हेण्ड एण्ड बाॅडी लोशन लेकर एक हल्की परत लगा लीजिए। यह क्रीम त्वचा के भीतर समा कर उसे जल्दी ही कोमल बनाती है।
बाजार में उपलब्ध विभिन्न मसाज मशीन या वाइब्रेटर द्वारा भी आप अपने विभिन्न अंगो की मालिश कर सकती है। पर हमेशा ध्यान रखिए कि मसाज से पहले उस अंग की त्वचा पर कोई क्रीम या तेल आवश्य लगाएं। धीरे-धीरे गोलाकार दिशा में घुमाते हुए ही मशीन का प्रयोग करे
चेहरे पर मेकअप की पर्तों को हटाने के दौरान क्लींजर लगार रूई के मेकअप हटाने की प्रक्रिया मे भी आप अपने चेहरे की हल्की मसाज ही करती है, फिर भी भिन्न प्रकार की त्वचा वाले चेहरे व गर्दन के लिए मसाज के अलग-अलग स्ट्रोक्स है, जिसको जानना भी जरूरी है।
शुष्क त्वचा की मसाजः चेहरे पर कोई भी नाइट क्रीम लगाइए। अब दोनो हाथों का प्रयोग करते हुए अपनी बीच वाली उंगली और पहली उंगली लेकर गर्दन व चेहरे को छुइए। इसी प्रकार गर्दन से ऊपर की तरफ ले जाते हुए लम्बे, पर धीमे स्ट्रोक्स मे चेहरे की मालिश कीजिए। उंगलियो के अगले सिरे से आपको धीरे धीरे चेहरे के रोयो को ब्रश करने की प्रक्रिया मे नीचे से ऊपर ले जाना है। इस क्रिया को सोने से पहले रोज रात में कीजिए।
तैलीय त्वचा की मसाजः इसको आॅइली स्किन जैक्वेट मसाज भी कहते हैं। जो कि इसके फ्रेंच अविष्कार के नाम पर ही पुकारी जाती है और खास तौर पर इसके तैलीय त्वचा के लिए उपयुक्त है। इसके लिए पहले चेहरे के मांसल भागों जैसे गाल व ठोड़ी पर धीरे-धीरे पिंच कीजिए। इस पिंच करने की प्रक्रिया में उस स्थान की त्वचा की तैल ग्रंथियां सक्रिय होकर और तेल उत्पन्न करने लगती हैं जो कि त्वचा की त्वचा की सतह पर उभर कर दिखने लगता है। इसी प्रकार चेहरे के मांसल भागो हल्के हाथो से ये क्रिया दोहरायें अब पूरे चेहरे को भीगी रूई के फोहे से थपथपाते हुए पोछिए। अब चेहरे को साफ तौलिए से थपथपाते हुए सुखा लीजिए। पतली त्वचा की मसाज बहुत संवेदनशील होने के कारण बाहरी प्रभावों से जैसे तेज धूप तापमान आदि या तली भुनी चीजों एल्कोहल या उचित देख रेख के अभाव में नाक व गाल के पास वाले भागो पर फटी फटी सी दिखाई पड़ती है।
इस त्वचा की मसाज बहुत ही हल्के हाथो से थपथपाते हुए ही करनी चाहिए। उंगलियों के अगले सिरों से पूरे चेहरे को थपथपाते हुए ही इस त्वचा की मालिश करें। मालिश की प्रक्रिया में उंगलियों का क्रम लगातार बदलती जाए जैसे आप तबला या किसी वाद्य को बजाने में करती है। इन्ही स्ट्राक्स को चेहरे के नीचे भी लगाएं।
गर्दन की मसाजः रोज रात को चेहरे की मसाज के साथ गर्दन की मसाज भी न भूलें। गर्दन पर कोई भी क्रीम लगाकर सभी उंगलियों को एक साथ जोड़कर व हथेली का भी प्रयोग करते हुए दोनों हाथों को गर्दन से लेकर ठोड़ी तक क्रम से एक के बाद एक लाइए। इस मसाज को थोड़ा दबाव के साथ और जल्दी-जल्दी करें। थोड़ी-थोड़ी देर बाद हाथो का क्रम बदल दें। यह क्रिया तब तक दोहराए जब तक सारी क्रीम त्वचा में समा न जाए।
चेहरे की मसाज यूं तो फेशियल मसाजर से भी की जा सकती है। पर चेेहरे इसे चलाते वक्त दिशा का ध्यान होना जरूरी है। नही तो चेहरे की त्वचा ढीली होकर लटक जाएगी और उस पर लाइनें व झुर्रियां दिखाई देने लगेंगी।

भगवान द्वारा दी गई अनुपम भेंट आंखों को स्वस्थ रखना मनुष्य पर निर्भर करता है। आंखों की महत्ता को सभी बखूबी जानते है। यदि आंखे स्वस्थ है तो जीवन रंगों से भरपूर है। आंखे अस्वस्थ्य है तो जीवन रंगहीन हो जाता है। स्वस्थ आंखे निर्मल और चमकीली होती है।
आंखों का आकार और रंग रूप ईश्वर की देन है पर थोड़ी सी अतिरिक्त देखभाल से आंखों को सुंदर और सजीव बनाया जा सकता है। इसके लिए आवश्यकता है उचित खान पान सफाई आवश्यक व्यायाम और समुचित नींद की। आइए देखें कि आंखों को स्वस्थ और सुंदर कैसे बना कर रखें-

  • आंखों को कभी भी रगड़े नहीं।
  • आंखों को धुएं, धूल व तेज प्रकाश से बचा कर रखें।
  • तेज धूप में जाते समय अच्छी क्वालिटी के रंगीन चश्में को पहनना न भूलें।
  • सूर्य और सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से न देखें।
  • भोजन के बाद साफ हाथों से साफ जल को नेत्रों के ऊपर उंगलियों से लगाएं। इससे नेत्र ज्योति बढ़ती है।
  • सुबह प्रतिदिन हरी घास पर नंगे पांव घूमने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
  • सुबह उठ कर नेत्रों में जमी मैल को ठंडे पानी से साफ करें।
  • नहाते समय आंखों को ठंडे पानी से धोएं।
  • आंखों में ठंडक बढ़ाने के लिए रात्रि में त्रिफला ठंडे पानी में भिगो दें। प्रातः उसे छानकर उस पानी में आंखे धोएं। त्रिफला खाने से आंखों को लाभ पहुंचता है।
  • टेलीविजन एक निश्चित दूरी से बैठकर देखें। नजदीक से देखने पर आंखों पर खराब प्रभाव पड़ता है। टकटकी लगाकर न देखें। बीच बीच में आंखों को आराम दें।
  • पढ़ते समय ध्यान दें कि आंखों पर सीधा प्रकाश नहीं पड़ना चाहिए। कम या तेज प्रकाश में भी पढ़ाई न करें। लगातार देर तक पढ़ने से आंखें
  • कमजोर हो जाती है। कुछ पल आंखों को आराम दें।
  • आंखों का स्वस्थ रखने हेतु कुछ आंखों के व्यायाम भी करते रहे।
  • आंखो की सुंदरता और अच्छी सेहत के लिए हरी सब्जी, दूध, फल रेशेदार भोजन नियमित लें ताकि विटामिन ए पर्याप्त मात्रा में मिलता रहे।
  • आंखों के स्वास्थ्य के लिए मिर्च मसाले भरा भोजन न खाएं। ध्यान रखें कि कब्ज भी न हो पाए।
  • आंखों के स्वास्थ्य हेतु 7-8 घंटें की नींद लें।
  • आंखों के नीचे झुर्रियां होने पर नियमित रूप से मलाई लगाएं ताकि झुर्रियां दूर हो जाए।
  • गुनगुने दूध में रूई डालकर उसके फाहे को प्रतिदिन आंखो के ऊपर रखें। थोड़ी देर रखने से आंखों को आराम मिलता है।

थोड़ी सी मलाई में एक चुटकी बेसन व हल्दी मिलाकर इस लेप को चेहरे पर लगाएं। सूखने पर उतार दें और फिर ठंडे पानी से मुंह धो लें। ऐसा करने से चेहरा दमक उठेगा।
एक चम्मच जौ के आटे में जरा सी हल्दी व 5-6 बूंद नारियल का तेल मिला लें। आवश्यकतानुसार जरा सा पानी मिलाकर लेप तैयार कर लें। इसे 10-15 मिनट तक चेहरे पर लगाएं फिर बाद में चेहरा धों ले। इस लेप से त्वचा की शुष्कता दूर हो जाएगी। एक बड़े चम्मच दही में 2 बूंद नारियल का तेल और चुटकी भर हल्दी मिला लें। इस लेप को चेहरे पर लगा लें। जब लेप सूख जाए तब उसे रगड़कर छुड़ा दें। और चेहरे को धो लें। ऐसा करने से त्वचा स्निग्ध होगी।
एक चुटकी हल्दी, थोड़ा दूध, नींबू की चार बूंद रस मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर आधे घंटे तक लगाकर चेहरा पानी से धों दें। इससे काले धब्बे धीरे-धीरे ठीक हो जाएंगे।
मैदे को दूध में मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे चेहरे पर मलें। सूख जाने पर इसे उतार दें और चेहरा धों लें। इस से त्वचा मुलायम बनी रहेगी।
आॅयली स्किन वालों के लिए सर्दियों का मौसम सबसे बेहतर होता है, लेकिन देखभाल की जरूरत इन्हें इस मौसम में भी होती है। आॅयली स्किन वालों को हमेशा ग्लिसरिन और स्ट्राॅबरी युक्त फेस वाॅश का ही इस्तेमाल करना चाहिए मायश्चराइजर का इस्तेमाल करते समय इतना ध्यान जरूर रखें कि आपका मायश्चराइजर आॅयल फ्री हो। ड्राई स्किन वालों को सबसे देखभाल और केयर की जरूरत है। इनको अतिरिक्त माॅयश्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए। जब भ्ज्ञी धूप में बाहर निकलें तो सूरज की किरणों से त्वचा को बचाए रखने के लिए सनस्क्रीन जरूर लगाएं। रात को सोने से पहले जैतून और बादाम का तेल लगाएं। इससे त्वचा का रूखापन दूर हो जाएगा। नाॅर्मल स्किन वाली महिलाओं को सर्दियों में त्वचा की देखरेख के लिए काफी सावधानी बरतनी चाहिए। इन्हें सर्दियों में हमेशा क्रीम लगानी चाहिए। इससे आपकी त्वचा को जरूरी पोषण मिल जाएगा। रात में सोने से पहले दूध में थोड़ा नमक मिलाकर रूई के फाहे से चेहरे पर लेप करने से रंग में निखार आता है। और त्वचा मुलयम भी बनी रहती है। रात में जो भी लेप किया है उसे सुबह उठकर धो देना चाहिए।
सर्दियों में धूप से बचाव के लिए एसपीएफ 15 युक्त मायश्चराइजर का प्रयोग करें। यदि बाहर जा रहे हो तो हाई एसपीएफ सनस्क्रीन लगाएं क्योंकि सनबर्न सर्दियों में भी हो सकता है।

पैरों पर बाल न बढ़ें इसके लिए आपको लगातार सावधान रहना चाहिए। किसी पार्लर में वैक्सिंग करा लें या नहाते समय शैविंग करके पैरों पर से बाल निकालें। लेजर किरणों से भी बालों को निकाला जा सकता है। पैरों को कुछ रंग दें। इसके लिए हल्के रंग की स्टाॅकिंग या पैंटी होस पाइप पहनें। पैरों को व्यायाम देने से वह सुंदर दिखते हैं। दौड़ना, तैराकी, साइकिल चलाना इससे पैरों से अतिरिक्त चर्बी हटकर वह सुडौल दिखते हैं। पैरों की मालिश करें। मालिश पैरों से जांघों तक हल्के हाथों से करें। मालिश करने से पैरों में रक्त का संचार बढ़ता है और अतिरिक्त चर्बी भी कम होती है। आम तौर पर पैरों को जमीन से जुड़ा रहना पड़ता है। हर दिन 15 मिनट के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को हवा में उठाये रखें। पैरों को धो कर मास्चराइजर लगा कर पैरों को थोड़ी नमी दें। पैरों को एक दूसरे से अलग रखना चाहिए। पैरों के जुड़े रहने से पैरों की नसों में सूजन आ सकती है।

जब आप लोगों के सामने अपनी खूबसूरत मुस्कान बिखेरती हैं और खुलकर हंसती हैं तो इससे पता चलता है कि आपने अपने दाँतों को कितना चमकाया है। नेशनल डेंटल एसोसिएशन के अनुसार दाँतों की साफ-सफाई और स्वास्थ्य के लिए रोजाना दो बार दाँत ब्रश करने चाहिए।

दाँतों को ब्रश करने का तरीका
1. किसी जाने-माने बढि़या टुथपेस्ट का इस्तेमाल करें और ऐसा आप टीवी विज्ञापन देखकर नहीं करें बल्कि अगर आपके दांतों की कोई छोटी मोटी समस्या है तो उसके अनुसार अपने डाक्टर से इस बारे में राय कर लें और
2. दांतों के अंदरूनी तथा बाहरी हिस्सों में 45 डिग्री के कोण से ब्रश करें। आप मसूड़ों से शुरू करके आधे दांत की चैड़ाई के स्ट्रोक्स लें।
3. ब्रश को हर 3 से 5 महीने में एक बार जरूर बदलें।
4. इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि ब्रश का चुनाव करते समय यह सावधानी रखें कि आपके दाँतों और मसूड़ों की नाजुक परत को वो कोई नुक्सान नहीं पहुंचाए और उसके रेशे नाजुक होने चाहिए।
5. आप मसूड़ों की मालिश कर सकते हैं पिपरमेंट के तेल से।
6. दाँतों को भी व्यायाम चाहिए होता है ऐसा करने के लिए आप ब्रश करने के बाद अपने ऊपर के दाँत और नीचे के दाँतों को आपस में प्रेशर के साथ दबाएँ और फिर खोल दें।
7. मीठा कम खाएं क्योंकि ऐसी चीजें जो चीने से भरपूर होते हैं वह आपके मुँह में जाकर सड़न पैदा करने का काम करती है और ये हमारी दाँतों के इनेमल वाली पर्त को गला देते हैं इसलिए जरूरत से अधिक मीठे के शौकीन नहीं बनें।
8. अगर आप दाँतों की सही से देखभाल नहीं करते तो आपको मुंह की किसी भी तरह की बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।
9. आपके दाँत आपके जीवन भर साथ रहें इसके लिए आवश्यक है कि आप नशे से जुड़ी आदतों से दूर रहें और नियमित दाँतों की देखभाल करें क्योंकि तम्बाकू आदि से आपको मुँह के कैंसर की समस्या से जूझना भी पड़ सकता है।