भूख न लगना बच्चों में एक आम समस्या है। कभी-कभी यह समस्या वास्तविक होती है, तो कभी यह अवास्तविक। माता-पिता को यह लगता कि उनका बच्चा कम खात है अथवा खाने से जी चुराता है, परंतु वास्तविकता ऐसी नहीं होती। इसके विपरीत कभी-कभी बच्चों को सचमुच भूख न लगने की बीमारी होती है। वहीं कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो कम मात्रा में खाते है या फिर वे बार-बार खाते हैं। यह प्रवृत्ति बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदेह है।
शारीरिक कारणः
पेट दर्द, आंतों व यकृत में सूजन के कारण भी बच्चों को भूख नहीं लगती। कभी कभी पेट में कृमि पड़ने के कारण भी भूख नहीं लगती उल्टी व टी बी रोग की शिकायत होने पर भी बच्चों में भोजन से मोहभंग हो जाता है। कई मानसिक कारणों से भी बच्चों का भोजन से मोह भंग होने लगता है। जैसे भावनात्मक ठेस लगने और घबराहट आदि से बच्चों को खुलकर भूख नहीं लगती। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार यदि बच्चे की किसी इच्छा का दमन कर दिया जाये तो उसका भोजन से मोहभंग हो जाता है। इसके अलावा कुछ बीमारियों में खाई जाने वाली दवाओं के विपरीत प्रभाव के कारण भी बच्चों में भोजन के प्रति अरूचि पैदा हो जाती है।
उपचारः
मां का दूध बच्चों के लिए आवश्यक है। अतः प्रत्येक शिशु को 4 से 6 महीने केवल का का ही दूध देना चाहिए। बच्चों की मनपसंद चीजें खाने में देनी चाहिए। खाने की चीजें बदल-बदल कर देने से बच्चों में भोजन के प्रति रूचि बवकसित हो जाती है। बेहतर रहेगा की मां-बाप बच्चों के साथ बैठकर खाने की आदतें डाले। इससे उन्हें बच्चे की भोजन संबंधी रूचियों की जानकारियां मिलती रहेंगी।

थोड़ी सी मलाई में एक चुटकी बेसन व हल्दी मिलाकर इस लेप को चेहरे पर लगाएं। सूखने पर उतार दें और फिर ठंडे पानी से मुंह धो लें। ऐसा करने से चेहरा दमक उठेगा।
एक चम्मच जौ के आटे में जरा सी हल्दी व 5-6 बूंद नारियल का तेल मिला लें। आवश्यकतानुसार जरा सा पानी मिलाकर लेप तैयार कर लें। इसे 10-15 मिनट तक चेहरे पर लगाएं फिर बाद में चेहरा धों ले। इस लेप से त्वचा की शुष्कता दूर हो जाएगी। एक बड़े चम्मच दही में 2 बूंद नारियल का तेल और चुटकी भर हल्दी मिला लें। इस लेप को चेहरे पर लगा लें। जब लेप सूख जाए तब उसे रगड़कर छुड़ा दें। और चेहरे को धो लें। ऐसा करने से त्वचा स्निग्ध होगी।
एक चुटकी हल्दी, थोड़ा दूध, नींबू की चार बूंद रस मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर आधे घंटे तक लगाकर चेहरा पानी से धों दें। इससे काले धब्बे धीरे-धीरे ठीक हो जाएंगे।
मैदे को दूध में मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे चेहरे पर मलें। सूख जाने पर इसे उतार दें और चेहरा धों लें। इस से त्वचा मुलायम बनी रहेगी।
आॅयली स्किन वालों के लिए सर्दियों का मौसम सबसे बेहतर होता है, लेकिन देखभाल की जरूरत इन्हें इस मौसम में भी होती है। आॅयली स्किन वालों को हमेशा ग्लिसरिन और स्ट्राॅबरी युक्त फेस वाॅश का ही इस्तेमाल करना चाहिए मायश्चराइजर का इस्तेमाल करते समय इतना ध्यान जरूर रखें कि आपका मायश्चराइजर आॅयल फ्री हो। ड्राई स्किन वालों को सबसे देखभाल और केयर की जरूरत है। इनको अतिरिक्त माॅयश्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए। जब भ्ज्ञी धूप में बाहर निकलें तो सूरज की किरणों से त्वचा को बचाए रखने के लिए सनस्क्रीन जरूर लगाएं। रात को सोने से पहले जैतून और बादाम का तेल लगाएं। इससे त्वचा का रूखापन दूर हो जाएगा। नाॅर्मल स्किन वाली महिलाओं को सर्दियों में त्वचा की देखरेख के लिए काफी सावधानी बरतनी चाहिए। इन्हें सर्दियों में हमेशा क्रीम लगानी चाहिए। इससे आपकी त्वचा को जरूरी पोषण मिल जाएगा। रात में सोने से पहले दूध में थोड़ा नमक मिलाकर रूई के फाहे से चेहरे पर लेप करने से रंग में निखार आता है। और त्वचा मुलयम भी बनी रहती है। रात में जो भी लेप किया है उसे सुबह उठकर धो देना चाहिए।
सर्दियों में धूप से बचाव के लिए एसपीएफ 15 युक्त मायश्चराइजर का प्रयोग करें। यदि बाहर जा रहे हो तो हाई एसपीएफ सनस्क्रीन लगाएं क्योंकि सनबर्न सर्दियों में भी हो सकता है।

पैरों पर बाल न बढ़ें इसके लिए आपको लगातार सावधान रहना चाहिए। किसी पार्लर में वैक्सिंग करा लें या नहाते समय शैविंग करके पैरों पर से बाल निकालें। लेजर किरणों से भी बालों को निकाला जा सकता है। पैरों को कुछ रंग दें। इसके लिए हल्के रंग की स्टाॅकिंग या पैंटी होस पाइप पहनें। पैरों को व्यायाम देने से वह सुंदर दिखते हैं। दौड़ना, तैराकी, साइकिल चलाना इससे पैरों से अतिरिक्त चर्बी हटकर वह सुडौल दिखते हैं। पैरों की मालिश करें। मालिश पैरों से जांघों तक हल्के हाथों से करें। मालिश करने से पैरों में रक्त का संचार बढ़ता है और अतिरिक्त चर्बी भी कम होती है। आम तौर पर पैरों को जमीन से जुड़ा रहना पड़ता है। हर दिन 15 मिनट के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को हवा में उठाये रखें। पैरों को धो कर मास्चराइजर लगा कर पैरों को थोड़ी नमी दें। पैरों को एक दूसरे से अलग रखना चाहिए। पैरों के जुड़े रहने से पैरों की नसों में सूजन आ सकती है।

जब आप लोगों के सामने अपनी खूबसूरत मुस्कान बिखेरती हैं और खुलकर हंसती हैं तो इससे पता चलता है कि आपने अपने दाँतों को कितना चमकाया है। नेशनल डेंटल एसोसिएशन के अनुसार दाँतों की साफ-सफाई और स्वास्थ्य के लिए रोजाना दो बार दाँत ब्रश करने चाहिए।

दाँतों को ब्रश करने का तरीका
1. किसी जाने-माने बढि़या टुथपेस्ट का इस्तेमाल करें और ऐसा आप टीवी विज्ञापन देखकर नहीं करें बल्कि अगर आपके दांतों की कोई छोटी मोटी समस्या है तो उसके अनुसार अपने डाक्टर से इस बारे में राय कर लें और
2. दांतों के अंदरूनी तथा बाहरी हिस्सों में 45 डिग्री के कोण से ब्रश करें। आप मसूड़ों से शुरू करके आधे दांत की चैड़ाई के स्ट्रोक्स लें।
3. ब्रश को हर 3 से 5 महीने में एक बार जरूर बदलें।
4. इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि ब्रश का चुनाव करते समय यह सावधानी रखें कि आपके दाँतों और मसूड़ों की नाजुक परत को वो कोई नुक्सान नहीं पहुंचाए और उसके रेशे नाजुक होने चाहिए।
5. आप मसूड़ों की मालिश कर सकते हैं पिपरमेंट के तेल से।
6. दाँतों को भी व्यायाम चाहिए होता है ऐसा करने के लिए आप ब्रश करने के बाद अपने ऊपर के दाँत और नीचे के दाँतों को आपस में प्रेशर के साथ दबाएँ और फिर खोल दें।
7. मीठा कम खाएं क्योंकि ऐसी चीजें जो चीने से भरपूर होते हैं वह आपके मुँह में जाकर सड़न पैदा करने का काम करती है और ये हमारी दाँतों के इनेमल वाली पर्त को गला देते हैं इसलिए जरूरत से अधिक मीठे के शौकीन नहीं बनें।
8. अगर आप दाँतों की सही से देखभाल नहीं करते तो आपको मुंह की किसी भी तरह की बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।
9. आपके दाँत आपके जीवन भर साथ रहें इसके लिए आवश्यक है कि आप नशे से जुड़ी आदतों से दूर रहें और नियमित दाँतों की देखभाल करें क्योंकि तम्बाकू आदि से आपको मुँह के कैंसर की समस्या से जूझना भी पड़ सकता है।

प्राकृतिक रूप से गुलाबी होंठ एक महिला की खूबसूरती की पहचान होती है। कई लोग अपने होंठों को चमकदार और सुन्दर बनाना चाहते हैं। होठों के काले पड़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे सूरज की अत्याधिक रौशनी पड़ना, औषधियों का विपरीत असर पड़ना, खराब क्वालिटी के सौंदर्य प्रसाधन, धूम्रपान, काफी मात्रा में कैफीन का सेवन तथा शरीर में हार्मोनों का असंतुलन आदि।

डार्क लिप से कैसे पाएं छुटकारा
काॅफी और चाय होंठों को डार्क बनाने में कसर नहीं छोड़ते। दिन भर में एक या दो बार काॅफी या चाय पीने से कोई फर्क नहीं पड़ता पर यदि मात्रा थोड़ी ज्यादा हो जाए तो निश्चित फर्क पड़ेगा। इसके अलावा समोकिंग, एलर्जी, होंठ को बार बार चाटना भी आपके होठों को डार्क बना सकता है।

उपचार
1 सुबह ब्रश करने के बाद अपने उसी ब्रश से होंठ पर से मृत कोशिका को हटाने का प्रयास करे इससे नई त्वचा आ जाएगी।
2 रात को सोने से पहले अपने होंठों पर वैसलीन या नींबू का रस लगा कर सोएं। इसके लिए एसपीएफ 15 वेल्यू वाला लिप बाल्म लगाना चाहिए साथ ही दिन भर में 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।
3 पौष्टिक आहार न लेने से भी डार्क लिप हो जाते हैं।
4 एक्सपायर लिपिस्टक न लगाएं।
5 होठों का कालापन दूर करने के लिए बादाम का तेल बहुत उपयोगी होता है।
6 खीरे का प्रयोग आप अपनी कुहनी, घुटने और हाथों के बगल के रंग में भी निखार ला सकती हैं साथ ही खीरा होंठों पर लगाने से होंठों के कालेपन से छुटकारा मिल जाएगा।
7 होंठों के कालेपन को दूर करने के लिए एक सूती कपड़े में दूध की कुछ बूंदें लें और इसे अपने होंठों पर लगाएं। इससे होंठों का कालापन दूर होता है।
8 होंठों को स्वस्थ रखने के लिए मक्खन का इस्तेमाल करें।
9 नींबू से होंठों का रंग साफ किया जा सकता है।
10 गुलाब जल के साथ शहद मिलाकर होठों पर लगाने से होंठों का डार्कनेस कम किया जा सकता है।

हेयर स्पा से बालों की खूबसूरती बढ़ती है। बालों का टैक्सचर और चमक कायम रखने में हेयर स्पा बहुत मदद करता है। इसमें आॅयल, मसाज, शैंपू, हेयर मास्क और कंडिशनर का इस्तेमाल किया जाता है।
बालों के लिए स्पा लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक होने वाला प्रोसेस है। यह बालों के कई ट्रीटमेंट में उपयोगी है। हेयर स्पा में मसाज, क्रीम, मशीन और हेयर मास्क आदि का प्रयोग किया जाता है। कोई भी ट्रीटमेट शुरू करने से पहले बालों को शैंपू किया जाता है। बालों के टेक्सचर के मुताबिक क्रीम चुनकर तकरीबन 45 मिनट मसाज दी जाती है।

हेयर स्पा के लाभ

हेयर स्पा से बालों मे चमक और नमी वापस लाने में मदद मिलती है। शैंम्पू के दौरान सिर की त्वचा को कम से कम 10 मिनट तक मसाज किया जाता है। शैंम्पू के बाद डीप कंडीशनिंग माॅस्क लगाकर 20 से 25 मिनट तक मसाज किया जाता है। फिर बालो की जड़ से सिरे तक एक क्रीम लगाई जाती है।
बीमारियों को दूर रखे
हेयर स्पा अनेक समस्याओं से बचाए रखता है। आमतौर पर स्पा करने से डैन्ड्रफ, बालों का गिरना और सिर की त्वचा की समस्याएं समाप्त होती हैं। बालों की खो चुकी चमक और नमी को वापस लौटाने में मदद करता है।

सुंदर आंखें इंसान की सुंदरता में चार चाँद लगाती हैं क्योंकि इन्हीं अनमोल आँखों से कुदरत के खूबसूरत नजारों को देख सकते हैं इसलिए जरूरी है आँखों को बीमारियों से बचाना जरूरी है। आँखों को बीमारियों से बचाने के लिए आँखों की सफाई और आँखों का व्यायाम करना जरूरी है। आँखों की देखभाल के लिए विटामिन-ए युक्त भोजन करना चाहिए। आँखों की देखभाल के लिए ताजे गुलाब की पंखुडि़यों को लेकर उनका रस निकाल कर अपनी बंद आँखों पर लगाएं। और आँखों पर 20 मिनट तक रखें। यह आपकी आँखों की सूजन हटाने का तरीका है। जिन लोगों की उम्र थोड़ी ज्यादा हो गयी है उनकी आँखों के आसपास झुर्रियां पड़ना आम बात है पर सही देखभाल से इस समस्या का भी इलाज हो सकता है। 3 चम्मच कच्चा दूध और 3 चम्मच शहद। इन दोनों पदार्थों को अच्छे से मिलाएं और आंच पर कुछ देर गर्म कर लें और इसे 30 मिनट तक रखें। समय पूरा हो जाने पर गर्म पानी से धो दें। यह काफी असरदार प्राकृतिक नुस्खा है जिसकी मदद से आँखों के पास की झुर्रियां बिल्कुल गायब हो जाती हैं। इसके अलावा पालक खाएं और खूब पानी पियें। आलू या खीरे के टुकड़े लें और इसे आँखों के नीचे रखें। इससे काले घेरों, झुर्रियां तथा त्वचा की महीन रेखाओं से छुटकारा मिलेगा।

नियमित रूप से करें आँखों की सफाई

आँखों के प्रति लापरवाही बरतने से आँखों मे पानी आना, जलन, खुजली, आँखों का लाल होना, पीलापन आना, सूजना, धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं से आँखों को बचाने के लिए नियमित रूप से आँखों की सफाई करनी चाहिए। इसके लिए दिन में ठंडे पानी से आँखों को अच्छी तरह से धोएं। आँखों को बीमारी से बचाने के लिए विटामिन-ए- लेना चाहिए साथ ही दूध, मक्खन, गाजर, टमाटर, पपीता, अंडे, शुद्ध घल और हरी साग-सब्जियों इत्यादि का सेवना करना चाहिए। भरपूर नींद लें तथा कंप्यूटर से उचित दूर बनाकर काम करें।