अब होंगे नख आकर्षक

अब होंगे नख आकर्षक

हम अपने आप को सुंदर एंव आकर्षक दिखाने के लिए बहुत कुछ करते हैं, मसलन बढ़िया वस्त्र पहनते हैं, मेकअप करते हैं और न जाने क्या-क्या। मगर क्या आप ने नाखूनों की खूबसूरती को जाहिर करने के महत्व पर ध्यान दिया है। यदि नही तो लीजिये शहनाज हुसैन बता रही हैं नाखूनों को आकर्षक बनाने के कुछ उपयोगी नुस्खे।
यदि आप की अंगुलियां लंबी और खूबसूरत हैं मगर नाखून लापरवाही से कटे या गंदे हैं तो यह आप के व्यक्तित्व एंव आकर्षक पर असर डाल सकते हैं। इस से भी जरूरी बात यह है कि नाखूनों पर ध्यान दे कर आप अपने आंतरिक स्वस्थ्य को जान सकते हैं। गुलाबी नाखून अच्छी सेहत की ओर इशारा करते हैं जबकि नीली आभा वाले नाखून अस्वस्थ रक्त संचार को दर्शाते है। खान-पान की कमियों के कारण भी नाखूनों में दराद, रूखापन और अन्य समस्यायें आती है। आप निम्नलिखित बातों को ध्यान में रख कर अपने नाखूनों और सेहत का ख्याल रख सकते हैं।
नाखूनों की सबसे पहली आवश्यकता है उनका मुलायम और किसी प्रकार के उभार अथवा रेखाओं से मुक्त होना। यह तभी संभव है जब आप उन की नियमित देखभाल करें। सबसे पहले, प्रतिदिन हाथों और नाखूनों पर मसाज क्रीम लगा कर नाखून के आस-पास की त्वचा को नरम एंव मुलायम रखें। शुष्क दिनों में मसाज का महत्व और भी बढ़ जाता है या फिर घर के बहुत से कामों के दौरान डिरजेंट इसकी प्रयोग करने के कारण भी इसकी आवश्यकता बढ़ जाती है। ध्यान रखें की नाखूनों के आस-पास की त्वचा को कभी न काटे, उन्हें नरम बनाने के लिए गुनगुने पानी में डुबोकर अच्छी तरह मसाज करें। इसके बाद त्वचा को काॅटन बड्स से पीछे की ओर धकेले। कभी भी नाखूनों को साफ करने के लिए नूकीले उपकरण का इस्तेमाल न करें। नाखूनों को अच्छी अवस्था में रखने के लिए साप्ताहिक मेनिक्योर का सहारा ले। हाथों की देखभाल के लिए एक कटोरी और गुनगुना पानी, एमरी बोर्ड, आरेंज स्टिक, नेल क्लिपर्स, रूई के बड्स, नेल वार्निश रिमूवर, नेल वार्निश और एक मसाज क्रीम।
सबसे पहले पुरानी नेलपाॅलिश को रूई और रिमूवर से हटाएं। बहुत अधिक रिमूवर न लगाएं। उससे नाखून शुष्क हो सकते है। यदि आप काटना चाहते है। तो नेल क्लिपर्स का इस्तेमाल करें। इसके बाद कटोरे में गुनगुना पानी डालकर उसमें 5 मिनट के लिए हाथ डुबोएं। पानी में आप शैम्पूूू की कुछ बुंदे या साबून रहित बाथ जैल डाल सकते है। इसके बाद नाखूनों की सफाई के लिए नरम ब्रश का इस्तेमाल करें। अब रूई को आॅरेज स्टिक पर लपेटकर नाखून की त्वचा को हल्के से पीछे की तरफ धकेले। यदि त्वचा पीछे की ओर नहीं खिसकती है तो थोड़ी क्रीम लगाकर त्वचा को पीछे की ओर धकेलने का प्रयास करें। नाखूनों को नीचे की ओर साफ करने के लिए किसी पतली डंडी पर रूई लपेटे या रूई के बड्स का इस्तेमाल करें। फिर हाथों को क्लिन से मालिश कर मुलायमम बनाएं और उसके बाद गीले तोलियं से अतिरिक्त क्रीम को पोछ दे।
अब नाखून पर नीचे से ऊपर की ओर लंबे स्ट्रोक से नेल वार्निश लगाएं। प्रत्येक नाखून के लिए तीन स्ट्रोक काफी है। प्रत्येक नाखून पर दोहरी परत उचित रहती है।
हाथ डुबोने के लिए अत्यधिक गरम पानी का इस्तेमाल न करें। ये त्वचा को शुष्क कर सकती है। अगर आपके नाखूनों पर किसी प्रकार का इंफेक्शन है तब उन पर नेल वार्निश लगाने से बचना बेहतर है। स्वयं मैनिक्योर करने के लिए सबसे पहले आप नेलपाॅलिश को हटाकर हाथों को गुनगुने पानी में डुबोए और फिर ऊपर दिए गए तरिके से नाखूनों की सफाई करें। इसके उपरांत नाखूनों को एक नया लुक दें नेल क्लिपर्स की सहायता से और एमरी बोर्ड से रगडकर किनारों को शेप दें। अब नाखूनों के सिरों को सफेद नेल पाॅलिश से रंगे इससे दोनों सिरों तक लगाएं और नाखून को आकार दें। नेलपाॅलिश सूखने के बाद दुबारा एक स्ट्रोक लगाएं। उसके बाद आप रंगहीन या पारदर्शी पाॅलिश लगा सकते है। इससे मैनिक्योर को सुरक्षा मिलती है।
सूर्य की तेज किरणे भी नाखूनो को प्रभावित करती है। कुछ हल्के रंग विशेषकर गहरा पीला और गुलाबी, सूर्य की किरणों के प्रभाव में आने पर पीले रंग के नजर आने लगते है। और इससे आपके नाखून भी पीले पड़ सकते है। इससे बचने के लिए नेलपाॅलिश की ऊपरी परत के रूप में किसी पारदर्शी रंग का प्रयोग कर सकते है। जिस प्रकार आप हाथों और बाजूओं पर सनक्रीम लगाते है ठिक उसी तरह नाखूनों पर भी लगानी चाहिए। जिससे आप सूर्य की पराबैगनी किरणों से बचाव कर सकते है। नाखूनों से पीलापन हटाने के लिए एमरी बोर्ड की सहायता से नाखून की सतह इस सावधानी से हटाएं कि नाखून को नुकसान न पहुंचे।
मसाज और मैनिक्योर से नाखूनों को आकर्षक तो बनाया जा सकता है लेकिन पेष्टिक भोजन के महत्व को भी नकारा नहीं जा सकता इसलिए स्वस्थ नाखूनों के लिए भोजन में पर्याप्त रूप से कैल्शियम, सल्फर, अमिनों एसिड, फास्फोरस, विटामिन बी और ई शामिल हो। ये सब हमें दूध से बने उत्पादों अनाज, अंडा, फल और हरी सब्जियों में मिलता है। पर्याप्त मात्रा में फल व कच्ची सब्जियां सलाद में खाएं जिससे विटामिन मिनरल और एंजायम प्राप्त कर सकते है। संभव हो तो गाजर का रस जरूर पीये।

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