सावधान, पार्लर से हो सकता है एड्स

एड्स एक जानलेवा रोग न होकर खतरनाक रोग है। आम धारणा भले ही यह हो कि असुरक्षित सेक्स से एड्स होता है किंतु यही सच नहीं। सच तो यह भी है कि ब्यूटी पार्लर से भी आप एड्स का शिकार हो सकते हैं। दवाखानों से तो एड्स का खतरा रहता ही है। जेन्ट्स पार्लर सबसे ज्यादा असुरक्षित क्षेत्र हैं। सस्ते पार्लर क्या और महंगे पार्लर क्या, दोनों ही पार्लर सुरक्षित नहीं है। क्या आपको याद है कि पार्लर से सेवारत लोग कपड़े झटक कर ग्राहक के ऊपर डाल देते हैं। प्रतिदिन कपड़े ठीक ढंग से धुलने चाहिए। रेजन, ब्रुश, कंघी प्रतिदिन सैकड़ों लोग इस्तेमाल करते हैं। अन्य सामग्री के दौरान भी सावधानी नहीं बरती जाती है। ग्राहकों को कहां खबर है कि पार्लर में उपयोग की जाने वाली अधिकांश कॉस्मेटिक सामग्री घटिया क्वालिटी की होती है। नकली क्रीम चर्म रोग को आमंत्रित करती है। जरूरी नहीं कि ब्यूटीशियन प्रशिक्षित हों। अप्रशिक्षित ब्यूटीशियन नुकसान पहुंचा सकते हैं। गली मोहल्लों में पार्लर खुल चुके है। गांव और कस्बों में सैलून तो ढेरों होते है किंतु कहीं भी स्वास्थ्य की दृष्टि से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। इसी कारण संक्रमण फैलता जाता है। एड्स का प्रचार गलत ढंग से हुआ और इलाज भी गलत ढंग से किया जाता है। समाज एड्स पीडित को इस बुरी नजर से देखता है मानो उसने जघन्य अपराध किया हो। असुरक्षित सेक्स से यदि बचने का प्रयास किया जाए तो एड्स से घबराने की जरूरत नहीं। जरूरी नहीं कि आप बाहर से गुप्त रोग लायेंगे। घर बैठे भी आप गुप्त रोगों के शिकार हो सकते हैं। रक्त चढ़ाने के दौरान भी लापरवाही से एड्स फैल सकता है। ब्लड़ डोनेशन के दौरान भी सावधानियां बरतनी चाहिए। पार्लर जाते समय आप साथ में ऐप्रन तो ले जायेंगे नहीं। न ही अपना नैपकी, क्रीम यूज करेंगे। सावधानी कैसे बरतेंगे? सावधानी का सबसे आसान तरीका यह है कि बेवजह सैलून में जा कर दाढ़ी न बनवाएं। कटिंग करवाते समय भी सावधान रहें। रेजर नया यूज करने को कहिए। बालों को डाय कराना चाहते हैं तो घर पर करें। पार्लर में ब्रश एक ही रहता है और उसी ब्रश से वह सभी के बालों का काला करता हैं। मेहंदी लगाता है। समझ गए न सावधानी।

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