जाड़ो में कैसे रखें सौंदर्य को बरकरार

कहते है। कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। यदि आपका स्वस्थ्य अच्छा है तो आपका मन भी अच्छा होगा और फिर आपको बाहरी तौर पर मेकअप करने की भी आवश्यकता नही पड़ेगी। आइए जाने कैसे रखें सर्दियों में स्वस्थ व निरोगी काया?
सौंदर्य-आकषर्ण बढ़ाने के लिए नवयुवतियां तरह तरह के उपाय करती है। नवयुवतियां क्रीम व लोशन का प्रयोग करती है। मगर प्रायः स्वास्थ्य पर ध्यान नही दे पाती। महंगे-महंगे शैम्पू प्रयोग करती है ताकि बालों को खूबसूरत बनाया जा सके। सौंदर्य आकर्षण बढ़ाने के लिए अपने स्वस्थ पर ध्यान देना आवश्यक होता है।
नवयुवतियों के स्वस्थ व निरोग रहने के लिए सदी के दिनो को सबसे अच्छा माना जाता है। वातावरण शीतल होता है। देह की उष्णता कम होती है। इस उष्णता की कमी पूरा करने के लिए खजूर, सूखे मेवे, दूध, मक्खन, घी का सेवन किया जाता हैै। चूंकि इन दिनों पाचन क्षमता मजबूत होती है, अतः अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा पौष्टिक आहार लिया जा सकता हैं।
नवयुवतियों को नेत्रों की चमक, स्निग्ध और कोमल त्वचा, सुंदर होंठ, घने व काले बालो के आकर्षण के लिए रोजाना पौष्टिक व संतुलित आहार लेना चाहिए। बालो की सुंदरता के लिए आहार में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को अधिक लेना चाहिए। अंडा, चिकन, दालें लेने से बालों को भरपूर पोषण प्राप्त होता है। बालों के स्वस्थ व सौंदर्य के लिए नारियल भी बहुत गुणकारी माना जाता है। नारियल खाना बालों के लिए बेहद लाभकारी होता है। बालों में तीव्रता से वृद्धि होती है तथा घनें व लंबे होते है। बालों की शक्ति बनाए रखने के लिए मछली खा सकते है।
नवयुवतियां स्वस्थ व निरोग रहकर नेत्रों को स्वस्थ रख सकती है। नेत्र ज्योति भी ज्यादा उम्र तक बनी रह सकती है। नेत्रों को स्वच्छ रखकर नेत्र ज्योति तीव्र बनाई जा सकती है। भोजन में पौष्टिक तत्वों को शामिल करना चाहिए। भोजन के साथ रोजाना सलाद खाने से नेत्रों को खूब ताकत प्राप्त होती है। भोजन के साथ सेब, हरे पत्ते वाले शाक ज्यादा लेने चाहिए। मांस, मछली व अंडे का सेवन नेत्रों को सुंदर तथा चमकदार बनाए रखने के लिए हितकारी होता है। विटामिन-बी भी नेत्रों के लिए काफी जरूरी है। नेत्रो को रोगो से सुरक्षित तथा क्रियाशील रखने के लिए विटामिन-बी हितकारी होता है। हरी सब्जियां, सोयाबीन, दालों में विटामिन-बी ज्यादा मात्रा में होता है। गुड़, शक्कर, अखरोट व बादाम में भी विटामिन-बी अच्छी मात्रा में होता है। इनका सेवन नेत्रों के लिए बहुत लाभकारी होता है।
फलों का रस सेवन करना होठों को गुलाब की तरह सुन्दरता प्रदान करता है। फलों के रस के विकल्प के तौर पर टमाटर, गाजर का सेवन किया जा सकता है। होठों को सुन्दर बनाने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा मे जल पीएं।
नवयुवतियों में श्वेत प्रदर, रक्ताल्पता, मोटापा होने से स्वास्थ्य व सुंदरता की बहुत अधिक हानि होती है। श्वेत प्रदर रोग में नवयुवतियों शारीरिक रूप से बहुत दुर्बल हो जाती है।शरीर की सुंदरता नष्ट हो जाती है। पाचन क्रिया क्षीण हो जाती है तो भोजन शीघ्र नही पचता पिण्डलियों में दर्द होता है।
़योग्य चिकित्सक से श्वेत प्रदर रोग की चिकित्सा करानी चाहिए। औषधि सेवन से पूर्व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें श्वेतप्रदर रोग में चावल के जल से काफी लाभ होती है। चावल को जल में डालकर रखें और 3-4 घंटे पश्चात् छानकर सेवन करने से काफी इसका प्रकोप दूर होती है। श्वेत प्रदर को स्त्रियों का शरीरिक सौंदर्य नष्ट करने वाला माना जाता है।
पौष्टिक और संतुलित आहार में जब आलस्य किया जाता है¬¬¬¬ अर्थात् नवयुवतियों में जब पौष्टिक व संतुलित आहार का अभाव होता है। तो रक्ताल्पता होती है। पौष्टिक आहार का अभाव शरीर में लौह तत्व यानी आयरन की कमी उत्पन्न करता है। लौह तत्व की कमी शरीर की रक्त में लाल कणिकाओं की कमी उत्पन्न करती है। इस प्रकार नवयुवतियां रक्ताल्पता से पीडि़त होती है। रक्त की कमी त्वचा की लालियां नष्ट कर देती है और उसकी सुंदरता नष्ट हो जाती है।
फल सब्जियों के सेवन से लौह तत्व मिलने से शरीर में रक्त की वृ़िद्ध होती है और रक्ताल्पता से मुक्ति मिलती है। टमाटर खाने से शरीर को लौह तत्व बहुत मात्रा में मिलता है। शरीर में ताकत विकसित होती है। गाल भी गुलाबी हो जाते है।
मानसिक तनाव भी सुंदरता को कुप्रभावित करता है।किसी भी युवक युवती को आर्थिक समस्याओं के कारण मानसिक कष्ट ज्यादा होता है। क्रेडिट कार्ड से ज्यादा पैसा निकालने के पश्चात् आर्थिक समस्याएं शुरू हो जाती है। पैसा लौटाने की चिंता युवक-युवती को मानसिक तनाव से पीडि़त करती है। ऐसे मेें क्रेडिट काउंसलिग लेने से तनाव की स्थिति कम हो जाती है।
युवक- युवतियों को किसी काम में व्यस्त रह कर समय व्यवतीत करना चाहिए।
मानसिक तनाव को दूर करने के लिए शारीरिक श्रम करने से बहुत लाभ होता है। घर में लगे गमलों की साफ-सफाई करने में तनाव को भूला जा सकता है।
घर में छोटी बच्ची है तो माता-पिता उसके विवाह की बात सोचकर चिंतित होने लगते है। चिंतित होकर मानसिक तनाव को न बढ़ाएं बल्कि उसके साथ खेल कर मनोरंजन कर सकते है।
स्वास्थ्य के संतुलित न होने पर सौंदर्य आकर्षणपर बहुत बुरे प्रभाव पड़ते है सौंदर्य आकर्षण के लिए शरीर का निरोग होना जरूरी होता है। अस्वस्थ नवयुवती सौंदर्य प्रसाधन से बाहरी सुंदरता को अल्प काल के लिए अकर्षक बना दें। परंतु इससे स्थायी सुंदरता को कभी भी विकसित नही किया जा सकता। स्वास्थ्य संतुलित होता है तो सौंदर्य आकर्षण भी बना रहता है। शारीरिक सौंदर्य आकर्षण को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए नवयुवतियों को पौष्टिक आहार ग्रहण करना चाहिए।

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